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Dengue: जम्मू से तमिलनाडु तक देशभर में बढ़ा डेंगू, डॉक्टर बोले- बच्चों में गंभीर हो सकते हैं लक्षण, रहें अलर्ट

Tue, 24 Oct 2023 01:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देशभर में डेंगू के मामले - फोटो : iStock
राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और जम्मू से लेकर दक्षिण के राज्य तमिलनाडु तक, डेंगू के केस देशभर में बढ़ रहे हैं। दिल्ली में डेंगू के खतरे को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अधिकारियों को मच्छर जनित रोग से बचाव के लिए सभी  निवारक उपाय करने के निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों में दवाओं और बेडों की आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके साथ सभी लोगों को इस जानलेवा बीमारी से खुद को बचाने के लिए सावधानी बरतने का भी आग्रह किया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इन दिनों अस्पतालों में तेज बुखार की शिकायत के साथ आ रहे ज्यादातर लोगों में डेंगू और मच्छरजनित रोगों का निदान किया जा रहा है। हालांकि राहत की बात ये है कि अधिकतर लोग आसानी से ठीक होकर घर वापस लौट रहे हैं। कुछ लोगों में तेजी से प्लेटलेट्स गिरने और रक्तस्रावी बुखार का खतरा देखा जा रहा है, ऐसे लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता हो रही है।

डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में ये रोग गंभीर समस्याकारक और जानलेवा हो सकता है, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
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डेंगू और इसके जोखिम - फोटो : istock
जम्मू से लेकर तमिलनाडु तक बढ़ रहे हैं केस

जम्मू-कश्मीर से मिल रही जानकारियों के मुताबिक सोमवार को यहां राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 60 नए मामले दर्ज किए गए, इसके साथ राज्य में इस साल डेंगू के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4330 हो गई है। दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी अक्तूबर के महीने में अस्पतालों में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है।

आईसीएमआर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2012-19 के बीच राष्ट्रीय औसत 2.1 के मुकाबले डेंगू के मामलों में 14 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। अकेले अक्तूबर में ही लगभग 100 मामले दर्ज किए गए हैं। डेटा से पता चलता है कि 9-17 वर्ष की आयु के बच्चे एक दशक में संक्रमण की चपेट में अधिक आए हैं। 
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बच्चों में डेंगू का खतरा - फोटो : iStock
बच्चों में गंभीर हो सकते हैं संक्रमण के लक्षण

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकता से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक यहां निजी अस्पतालों में वायरस से प्रभावित बच्चों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। अक्तूबर माह में ही 150 से अधिक लोग बच्चों तो अस्पताल और आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर्स कहते हैं, बच्चों में डेंगू के मामलों के तेजी से गंभीर रूप लेने का भी खतरा अधिक देखा जाता रहा है। चूंकि बच्चों के दिन का अधिकतर समय स्कूलों में बीतता है ऐसे में परिजनों और स्कूल प्रशासन दोनों को डेंगू से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उपाय करते रहना चाहिए।

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डेंगू संक्रमण का कहर - फोटो : iStock
गंभीर लक्षणों पर दें ध्यान

डॉक्टर कहते हैं, डेंगू के लक्षण वयस्कों और बच्चों में लगभग एक जैसे ही रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। इनमें अचानक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द (विशेषकर आंखों के पीछे), शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द और त्वचा पर दाने-चकत्ते की समस्या हो सकती है। इसके अलावा लगातार उल्टी, मसूड़ों से खून आना, शौच से खून आने और पेट में दर्द जैसी स्थितियां गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती हैं, जिसमें तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी हो जाता है। 
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डेंगू से बचाव के लिए करें उपाय - फोटो : istock
डेंगू से बचाव के लिए बरतें अतिरिक्त सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से इन दिनों देशभर में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में सभी लोगों के लिए जरूरी है कि आप अतिरिक्त सावधानी बरतें। खुद से दवा लेना और लक्षणों पर ध्यान देते हुए तुरंत चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है। मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए दवाओं का छिड़काव कराएं और घरों के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने से डेंगू संचरण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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