प्रतीकात्मक तस्वीर
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हेल्थ जर्नल 'मैटर' में प्रकाशित इस अध्ययन के मुताबिक, प्रयोगशाला में शोधकर्ताओं ने सांस लेने, छोड़ने, छींकने, खांसने के अनुकरणों के जरिए पाया कि ज्यादातर मास्क में इस्तेमाल होने वाले लचीले, एक या ज्यादा परत वाले कपड़े इस तरह के मास्क निर्माण के लिए सही हैं। अध्ययन में पाया गया कि 19 फीसदी फाइबर घनत्व वाला एक लिंट फ्री वाइप (सफाई वाले कपड़े का प्रकार) सांस के जरिए बाहर निकली डॉपलेट्स को 82 फीसदी तक संक्रमण मुक्त कर सकता है। ऐसे कपड़े से सांस लेने में कठिनाई नहीं होती है।