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विशेषज्ञ से जानें: माइल्ड कोरोना के क्या हैं लक्षण, होम आइसोलेशन में कैसे रहें? किन बातों का रखें ध्यान

Fri, 27 Aug 2021 02:00 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

डॉ. राजन गांधी

जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष 


देश में कोरोना महामारी का कहर जारी है। अब तो संक्रमण के नए मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। केरल और महाराष्ट्र में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 44 हजार से अधिक नए मरीज मिले हैं, जबकि कोरोना की वजह से करीब 500 लोगों की मौत हुई है। इन बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए देश में तीसरी लहर की आशंका भी बढ़ गई है। हालांकि इस बीच काफी संख्या में लोग कोरोना से ठीक भी हो रहे हैं, जिससे चिंताएं थोड़ी कम हो जा रही हैं। ऐसा माना जाता रहा है कि जो लोग कोरोना के हल्के संक्रमण का शिकार होते हैं, वे जल्दी ठीक हो जाते हैं। अब तक देश में तीन करोड़ 18 लाख से अधिक लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। आइए जानते हैं कि माइल्ड कोरोना के क्या लक्षण हैं और होम क्वारंटीन के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
माइल्ड कोरोना के लक्षण 
  • बुखार, खांसी 
  • गले में खराश 
  • गंध और स्वाद का पता नहीं चलना 
  • थकान  
  • सिरदर्द 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के माइल्ड यानी हल्के लक्षण वाले मरीजों को पूरी तरह ठीक होने में 2-8 हफ्तों का समय लग सकता है। हालांकि यह समय अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। आमतौर पर ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे घर पर रह कर ही ठीक हो जाते हैं। अगर आप संक्रमित हों, तो सबसे पहले खुद के लिए एक अलग कमरा चुन लें और वहां किसी को आने-जाने न दें। बाथरूम भी वैसा इस्तेमाल करें, जिसमें कोई और न जाए। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
होम आइसोलेशन में क्या करें? 
  • सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क का इस्तेमाल और हाथों की साफ-सफाई का सख्ती से पालन करें 
  • शरीर के तापमान और ऑक्सीजन सेचुरेशन की निगरानी करें 
  • उपचार के लिए किसी डॉक्टर के संपर्क में रहें और उनकी सलाह पर ही दवाइयां लें 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना के हल्के लक्षण के बावजूद अगर मरीज को सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा अगर लक्षण उभरने के पांच दिनों से अधिक समय तक तेज बुखार/गंभीर खांसी आदि रहे तो मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की जरूरत है।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
चूंकि कोरोना होने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, इसलिए रिकवरी के दौरान आप अपने खाने-पीने का विशेष ध्यान रखें। प्रोटीन और हरी सब्जियां अधिक मात्रा में लें, पानी सही मात्रा में पिएं। इसके अलावा नियमित रूप से योग और प्रणायाम करें, ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें, लेकिन ध्यान रहे कि एक साथ बहुत सारा काम न करें। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर कोई दिक्कत न हो तो माइल्ड मरीज 14 दिन के बाद अपना आइसोलेशन खत्म कर सकते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विशेषज्ञ कहते हैं कि माइल्ड मरीजों में आमतौर पर कोरोना से ठीक होने के बाद भी कुछ लक्षण देखने को मिलते हैं, जिसमें कमजोरी, थकान, भूख न लगना, बहुत अधिक नींद आना या बिल्कुल न आना, शरीर में दर्द, शरीर का हल्का गरम रहना, घबराहट आदि शामिल हैं। ये लक्षण कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर आपको ज्यादा दिक्कत महसूस हो तो डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। 

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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