Medically Reviewed by-
डॉ शुचिन बजाज
निदेशक, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल्स
पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए हर जगह वैक्सीनेशन कराने की बात की जी रही है। हालांकि हालिया रिपोर्ट्स बताते हैं कि जिन लोगों ने टीके की दोनों डोज भी ले ली है, वह लोग भी संक्रमण की चपेट में आ जा रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल लगातार बना हुआ है कि आखिर वैक्सीन लगवाने वालों को कोरोना का संक्रमण क्यों हो रहा है और अगर लोग संक्रमित हो ही रहे हैं तो वैक्सीनेशन कराने से क्या लाभ है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण के बाद भी लोगों का संक्रमित होना निश्चित ही चिंता का विषय है, इसके लिए कोरोना के नए वैरिएंट्स को मुख्य कारक माना जा सकता है। कोरोना के डेल्टा जैसे नए वैरिएंट्स शरीर में बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देने में सफल हो जा रहे है, यही कारण है कि इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। तो क्या ऐसी जटिलताओं से मुकाबले के लिए वैक्सीन को सुरक्षात्मक नहीं माना जा सकता है? क्या टीकारण करने और न कराने वाले लोगों में कोई फर्क नहीं है? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।