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Covid-19 संकट: जनवरी के बाद पहली बार बिगड़े हालात, बढ़ती R-Value बड़ी चिंता का कारण, जानिए क्या हैं इसके मायने?

Tue, 26 Apr 2022 05:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में कोरोना संक्रमण के मामले - फोटो : iStock
पिछले दो हफ्तों से देशभर में तेजी से बढ़ता कोरोना का संक्रमण आम लोगों के साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी चिंता बढ़ाने वाला है। दिल्ली, महाराष्ट, उत्तर प्रदेश सहित देश के करीब 10 राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से रिपोर्ट किए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे की बात करें तो 2500 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है, साथ ही देशभर में 44 लोगों की मौत संक्रमण के कारण हुई है। रिपोर्ट्स बताते हैं कि कोरोना के ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई राज्यों ने एहतियात के तौर पर फिर से मास्क लगाने को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं।

इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए कोरोना संक्रमण की बढ़ती आर-वैल्यू भी चिंता का कारण बनी हुई है। आर-वैल्यू का बढ़ना इस  बात का सूचक है कि संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि राजधानी दिल्ली का आर-वैल्यू दो को पार कर गया, जिसे चुनौतीपूर्ण स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिस रफ्तार के कोरोना के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है, यह बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है, सभी लोगों को लगातार सुरक्षा के उपाय करते रहने की आवश्यकता है।
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कोरोना के बढ़ते मामले - फोटो : pixabay
दिल्ली-महाराष्ट्र में बिगड़ते हालात

देश के दो राज्यों, दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली की आर-वैल्यू जहां दो के आंकड़े को पार कर गई है, वहीं महाराष्ट्र में यह आंकड़ा एक के ऊपर बना हुआ है। महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ प्रदीप व्यास ने बताया कि शनिवार तक राज्य में कोरोनावायरस का आर या वैल्यू एक से नीचे था। हालिया रिपोर्ट्स इसके बढ़ने की ओर संकेत दे रहे हैं।

इस खतरे को ध्यान में रखते हुए राज्य में हर स्तर पर निगरानी और सावधानी बढ़ा दी हई है। सभी लोगों से व्यक्तिगत तौर पर भी संक्रमण से बचाव को लेकर उपाय करते रहने की अपील की जा रही है। 
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देश में बढ़ती संक्रमण की दर - फोटो : iStock
आर-वैल्यू क्या होती है?

मेडिकल की भाषा में आर-वैल्यू, इस बात को इंगित करता है कि एक संक्रमित व्यक्ति, अन्य कितने लोगों को बीमारी दे सकता है। आदर्श रूप से इसका एक से नीचे बना रहना अच्छा माना जाता है, हालांकि देश के अलग-अलग हिस्सों से आर-वैल्यू में बढ़ोतरी को लेकर मिल रही जानकारियां डराने वाली हैं।
 
पिछले कुछ हफ्तों से देश में संक्रमण का आर-वैल्यू लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 5-11 अप्रैल के दौरान जहां देशभर में संक्रमण का आर-वैल्यू 0.93 के करीब था, वहीं 12-18 अप्रैल के बीच यह बढ़कर 1.07 पहुंच गया है। 

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तेजी से लोग हो रहे हैं कोरोना के शिकार - फोटो : PTI
कोरोना का बढ़ता प्रसार खतरनाक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैश्विक स्तर पर कोरोना के जिस रफ्तार से बढ़ने और लोगों में बीमारी का कारण बनने की सूचनाएं सामने आ रही हैं, इसी बीच भारत में भी उसी तरह के बनते हालात मुश्किलें बढ़ाने वाले हैं। आईआईटी-मद्रास के प्रोफेसर नीलेश एस उपाध्याय और प्रोफेसर एस सुंदर की अध्यक्षता में किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि आने वाले दिनों में कोरोना के कारण स्थिति और भी बिगड़ सकती है। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सभी लोगों को कोविड एप्रोपिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए। 
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कोरोना के मामलों में उछाल - फोटो : PTI
जनवरी के बाद बिगड़े हालात

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि जनवरी 2022 के बाद यह पहली बार है जब देश में संक्रमण की आर-वैल्यू एक के ऊपर गई है। इससे पहले 16-22 जनवरी के बीच आर-वैल्यू 1.28 थी, यह वही समय था जब देश तीसरी लहर की चपेट में था। कोरोना के एक बार फिर से बढ़ते मामलों के लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स की अधिक संक्रामकता के कारण मामलों में फिर से उछाल देखा जा रहा है।
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संक्रमण की रफ्तार ने बढ़ाई चिंता - फोटो : Pixabay
क्या आने वाली है चौथी लहर?

तेजी से बढ़ते संक्रमण के मामले और आर-वैल्यू, लोगों के मन में यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या आने वाले दिनों में देश को संक्रमण की एक और लहर का सामना करना पड़ सकता है? इस बारे में एक अंग्रेजी बेवसाइट में छपी रिपोर्ट में आईआईटी-मद्रास के गणित विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ जयंत झा कहते हैं, एक और लहर को लेकर अभी कुछ से भी कहना जल्दबाजी होगी, हालांकि जिस तरह से संक्रमण में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, वह निश्चित ही सुखद संकेत तो नहीं है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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