फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड वैक्सीन: आखिर हाथ में ही क्यों लगाया जा रहा है कोरोना का टीका, जान लें ये बेहद जरूरी बात

Thu, 27 May 2021 03:00 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान जारी है। भारत में अब तक 20 करोड़ 25 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण एक मई से ही जारी है, जिसके तहत 18 से 44 साल के उम्र वाले लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है और इस दौरान लोग टीका लेने में काफी दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं। शायद आपने भी टीका ले लिया हो, लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि कोरोना के टीके हाथ में ही क्यों लगाए जा रहे हैं, आखिर हाथ में ऐसा क्या होता है जिसके कारण टीका वही लगाया जाता है? आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ... 
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
अमेरिका के परड्यू यूनिवर्सिटी में नर्सिंग की एसोसिएट प्रोफेसर लिब्बी रिचर्ड्स कहती हैं, 'कंधे के पास हाथ की मांसपेशी मजबूत होती है और उसके आसपास इम्यून सेल्स होती हैं, जो टीका लगाने के लिए शरीर की सबसे सही जगह होती है। 
विज्ञापन

3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
प्रोफेसर लिब्बी रिचर्ड्स कहती हैं, 'हाथ की मांसपेशी के आसपास मौजूद इम्यून सेल्स एंटीजन को पहचान लेती हैं। वायरस या बैक्टीरिया का छोटा सा कण जैसे ही अधिक इम्यून सेल्स से मिलता है, वह शरीर की इम्यूनिटी को सक्रिय कर देता है। कोरोना का टीका एंटीजन का ब्लूप्रिंट तैयार करता है, जिससे शरीर में वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी बननी शुरू हो जाती है।' 

4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लिंफनोड्स की होती है अहम भूमिका 
  • प्रोफेसर लिब्बी रिचर्ड्स के मुताबिक, 'मांसपेशी में मौजूद इम्यून सेल्स कोरोना वैक्सीन में मौजूद एंटीजन को लिंफनोड्स (लसीकापर्व) तक लेकर जाते हैं। मांसपेशी में वैक्सीन लगने के बाद वो दूसरी इम्यून कोशिकाओं को अलर्ट करता है और उन्हें कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। दरअसल, लिंफनोड्स इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा तंत्र) का अहम भाग होता है, जहां बड़ी मात्रा में कोशिकाएं होती हैं। ये वैक्सीन में मौजूद एंटीजन को पहचानकर शरीर की प्रतिरक्षा प्रक्रिया को एंटीबॉडीज बनाने के लिए सक्रिय कर देती है।' 
विज्ञापन

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
सही जगह टीका न लगे तो क्या होगा? 
  • प्रोफेसर लिब्बी रिचर्ड्स कहती हैं कि टीका अगर सही मांसपेशी में न लगे तो वहां सूजन आने की संभावना बढ़ जाती है। अगर कोई टीका फैट कोशिका में लगे तो बेचैनी या सूजन जैसे साइड-इफेक्ट का खतरा अधिक होता है, क्योंकि फैट कोशिकाओं में खून का संचार सही नहीं होता है। इस वजह से संभव है कि शरीर में पूरी और पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन न जा पाए। इसके अलावा ये भी हो सकता है कि वैक्सीन उतनी असरदार न हो, जितनी वो असल में है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
छोटे बच्चों को हाथ में क्यों नहीं लगाया जाता टीका? 
  • प्रोफेसर लिब्बी रिचर्ड्स कहती हैं कि टीका कहां लगाना है, इसका चुनाव मांसपेशी के आकार पर निर्भर करता है। व्यस्क और तीन साल से अधिक उम्र के बच्चों को टीका हाथ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशी में लगाया जाता है, जबकि छोटे बच्चों को टीका जांघ के बीच में लगाया जाता है, क्योंकि उनके हाथ की मांसपेशी कमजोर और छोटी होती है। 
स्रोत और संदर्भ:   
Why do we get shots in the arm? It’s all about the muscle 
https://theconversation.com/why-do-we-get-shots-in-the-arm-its-all-about-the-muscle-161259?utm_source=twitter&utm_medium=bylinetwitterbutton 

अस्वीकरण नोट: यह लेख अमेरिका के परड्यू यूनिवर्सिटी में नर्सिंग की एसोसिएट प्रोफेसर लिब्बी रिचर्ड्स के ट्वीट और theconversation.com नामक वेबसाइट में प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें