डॉ विक्रमजीत सिंह
डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन
आकाश हेल्थकेयर, दिल्ली
Medically Reviewed by Dr. vikramjeet Singh
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से मुकाबले और संभावित तीसरी लहर के असर को कम करने के लिए विशेषज्ञ टीकाकरण को ही सबसे प्रभावी उपाय मान रहे हैं। देश में फिलहाल 18 साल से ऊपर के लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था की गई है, हालांकि वैक्सीन की कमी फिलहाल चिंता का विषय बनी हुई है। इस बीच देश के कुछ हिस्सों से 'वैक्सीन कॉकटेल' की खबरें सामने आ रही हैं। वैक्सीन कॉकटेल मतलब- पहली और दूसरी डोज में दो अलग-अलग टीकों का इस्तेमाल करना।
उत्तर प्रदेश के जिला सिद्धार्थनगर में ऐसे ही 20 लोगों को पहली और दूसरी खुराक में अलग-अलग वैक्सीन देने का मामला सामने आया है। आइए विशेषज्ञों से जानते हैं क्या वैक्सीन कॉकटेल नुकसानदायक है? शरीर पर इसका किस तरह से प्रभाव हो सकता है?