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Coronavirus: कोरोना से लड़ने का ये है अमेरिका का 'मास्टर प्लान', पूरी सुरक्षा के लिए लेनी होगी वैक्सीन की दो खुराक

Wed, 09 Dec 2020 05:09 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति ने पदभार संभालने के पहले 100 दिनों के अंदर 10 करोड़ कोविड वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के तौर पर उनके शुरुआती महीने महामारी खत्म नहीं कर सकते लेकिन इसकी गति कम करके जिंदगी बदल सकते हैं। 20 जनवरी को शपथ ग्रहण के बाद की अपनी स्वास्थ्य मामलों की टीम से रूबरू कराते हुए बाइडन ने दोहराया कि वो अमेरिका में लोगों को '100 दिन के लिए मास्क पहनने' को कहेंगे। मंगलवार को एक रिपोर्ट ने अमेरिकियों के लिए फाइजर/बायोएनटेक वैक्सीन को मंजूरी देने और इसे रोल आउट करने का रास्ता साफ कर दिया। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ऑपरेशन वार्प स्पीड नामक अपने कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम को लेकर हुए एक सम्मेलन में शिरकत की और वैक्सीन की संभावित मंजूरी का स्वागत किया। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के शोध के मुताबिक, अमेरिका में अब तक कोरोना संक्रमण के डेढ़ करोड़ से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 285,000 लोगों की मौत हुई है। दोनों ही आंकड़े दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। देश के कई हिस्सों में संक्रमण के बहुत ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं और रिकॉर्ड संख्या में लोग अस्पतालों में हैं। कुछ विशेषज्ञ पिछले महीन थैंक्सगिविंग की सालाना छुट्टियों के मौके पर लाखों लोगों के यात्रा करने को इसका जिम्मेदार मानते हैं। 
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जो बाइडन और कमला हैरिस - फोटो : twitter.com/JoeBiden
बाइडन ने क्या कहा?

जो बाइडन ने डेलावेयर में एक प्रेस वार्ता में बताया कि कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल जेवियर बेसेरा उनके स्वास्थ्य मंत्री होंगे जबकि रोशेल वालेंस्की रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) की प्रमुख होंगी। बाइडन ने कहा, 'मेरे पहले 100 दिन कोविड-19 वायरस को खत्म नहीं कर पाएंगे। मैं इसका वादा नहीं कर सकता, लेकिन हम इससे जल्दी निकलने वाले नहीं हैं।' 

उन्होंने कहा कि 'पहले 100 दिनों में हम बीमारी की गति को बदल सकते हैं और अमेरिका में जिंदगी को बेहतर कर सकते हैं।' लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश की संसद कांग्रेस ने तुरंत फंड के बारे में फैसला नहीं लिया तो कोरोना वायरस से निपटने की कोशिशें धीमीं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए स्कूल वापस खोलना भी एक प्राथमिकता होगी। बाइडन के अन्य सहयोगियों में डॉ एंथनी फाउची भी शामिल होंगे। वो चीफ कोविड मेडिकल एडवाइजर होंगे। संक्रामक रोग विशेषज्ञ फाउची ट्रंप टीम के भी सलाहकार थे और अक्सर अपने विचारों की वजह से राष्ट्रपति के निशाने पर रहते थे। 

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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
व्हाइट हाउस में क्या हुआ?

मुख्य तौर पर ये अमेरिका के लोगों तक वैक्सीन पहुंचाने की ऑपरेशन वार्प स्पीड की कोशिशों का जश्न था। वैसे अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत बाइडन की टीम ही करेगी। वैक्सीन की संभावित मंजूरी को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'वो कहते हैं कि ये एक जादू है और मुझे लगता है कि ये सच है।' उन्होंने साथ ही कहा, 'जो भी अमेरिकी वैक्सीन लगवाना चाहता है उसे वैक्सीन मिलेगी और हमें लगता है कि वसंत ऋतु तक हम ऐसी स्थिति में होंगे जिसके बारे में कुछ महीनों पहले तक किसी ने सोचा भी नहीं था।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ट्रंप प्रशासन उम्मीद कर रहा है कि जनवरी के मध्य तक लगभग ढाई करोड़ लोगों को वैक्सीन मिल सकेगी। राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किए हैं जिससे सुनिश्चित होगा कि अमेरिकियों को सबसे पहले डोज मिले। ये उनकी पुरानी अमेरिका फर्स्ट की नीति का पालन करने वाला कदम लगता है। लेकिन अभी ये साफ नहीं है कि अमेरिकी कंपनियां पहले ही दूसरे देशों से जो कॉन्ट्रेक्ट कर चुकी हैं, उनपर इसका क्या असर होगा। ट्रंप प्रशासन ने फाइजर/बायोएनटेक की पहली 100 खुराक के लिए डील की है। ब्रिटेन में मंगलवार से टीकाकरण शुरू कर दिया गया। अमेरिका के कुछ मीडिया का कहना है कि कार्यकारी आदेश चिंता जाहिर करता है कि इतनी डोज काफी नहीं होगी। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
वैक्सीनेशन के मामले में अमेरिका कहां है?

अमेरिकी नियामकों ने मंगलवार को फाइजर/बायोएनटेक वैक्सीन के 95 फीसदी प्रभावी होने की पुष्टि की, इसके साथ ही इसके इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए अनुमति का रास्ता साफ हो गया है। पूरी सुरक्षा के लिए इसकी दो खुराक लेनी होगी। फूड और ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को ऐसा चिंता का कोई कारण नहीं मिला जिसकी वजह से वैक्सीन को मंजूरी ना मिले। इसपर औपचारिक निर्णय लेने के लिए गुरुवार को बैठक होगी। 
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