कोरोना वैक्सीन से बनने वाली एंटीबॉडी को लेकर देश में पहली बार एक ऐसा अध्ययन किया गया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि कोवाक्सिन का टीका लेने वाले लोगों की तुलना में कोविशील्ड का टीका लेने वालों में एंटीबॉडी का स्तर अधिक था। यह अध्ययन 12 राज्यों के 19 अस्पतालों में किया गया है। वैक्सीन-इंड्यूस्ड एंडीबॉडी टाइट्रे (COVAT) की ओर से की गई इस स्टडी को मेडरिक्सिव नामक प्री-प्रिंट पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन में कुल 515 स्वास्थ्य कर्मचारियों को शामिल किया गया था और इनमें से 425 लोगों को कोविशील्ड का टीका लगाया गया था, जबकि 90 लोगों को कोवाक्सिन का टीका। अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि दोनों ही समूह में 95 फीसदी तक कर्मचारियों में एंटीबॉडी विकसित हुई हैं और कोविशील्ड लेने वालों में यह दर 98 और कोवाक्सिन लेने वालों में 80 फीसदी थी। हालांकि इससे यह भी निष्कर्ष निकलता है कि दोनों ही वैक्सीन असरदार हैं।