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Coronavirus: कितने तरीकों से होती है कोरोना की जांच और सबसे सुरक्षित कौन? जानिए उनके बारे में सबकुछ

Mon, 19 Oct 2020 03:00 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के मामले दुनियाभर में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तो संक्रमण चार करोड़ के ऊपर हो चुका है जबकि 11 लाख से अधिक लोगों की इसकी वजह से मौत हो चुकी है। हालांकि तीन करोड़ से अधिक लोग अब तक इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं और इसमें सबसे अहम रोल निभाया है कोरोना की जांच ने, क्योंकि समय पर जांच की वजह से ही कई लोगों की जानें बचाई जा सकी हैं। भारत में भी कोविड जांच का आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पिछले 24 घंटे में आठ लाख 60 हजार कोविड नमूनों की जांच की गई है। आइए जानते हैं कि कोरोना की जांच आखिर कितने तरीकों से होती है और सबसे सुरक्षित तरीका कौन सा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • दुनियाभर में इस समय कोरोना की जांच के लिए तीन तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं, जिसमें स्वाब टेस्ट, ब्लड टेस्ट और सलाइवा टेस्ट शामिल हैं। आपको बता दें कि स्वाब टेस्ट को ही आरटी-पीसीआर टेस्ट के नाम से जाना जाता है, जबकि ब्लड टेस्ट में एंटीबॉडी और एंटीजन टेस्ट आते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
स्वाब टेस्ट कैसे होता है? 
  • इस टेस्ट में एक कॉटन स्वाब (पतली रॉड पर रूई लगाकर) से व्यक्ति के गले और नाक के बीच के हिस्से से सैंपल लेकर टेस्ट किया जाता है कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित है या नहीं। गले और नाक के बीच के उस हिस्से को नेजोफ्रेंजियल कहा जाता है। यह शरीर का वह हिस्सा होता है, जहां वायरस लोड सबसे अधिक होता है।   

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ब्लड टेस्ट कैसे होता है?  
  • कई जगहों पर ब्लड टेस्ट के जरिए भी कोरोना की जांच की जा रही है। इसके लिए व्यक्ति का ब्लड सैंपल लिया जाता है और लैब की उसकी जांच की जाती है कि उसमें वायरस है या नहीं। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने तो एक ऐसा ब्लड टेस्ट विकसित किया है, जो महज 20 मिनट के अंदर ही बता देगा कि संबंधित व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
सलाइवा टेस्ट कैसे होता है?  
  • इस टेस्ट के जरिए संक्रमण का पता लगाने के लिए व्यक्ति के लार का इस्तेमाल किया जाता है। एफडीए ने हाल ही में कोरोना की जांच के लिए इस टेस्ट को मंजूरी दी है। स्वाब टेस्ट की तुलना में यह टेस्ट कहीं अधिक सहज माना जाता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कौन सा टेस्ट है सबसे सुरक्षित? 
  • वैसे तो आज के समय में कई मेडिकल कंपनियों और कुछ स्थानीय इकाइयों द्वारा सलाइवा टेस्ट का अधिक उपयोग किया जा रहा है, लेकिन कोरोना मरीजों की जांच के नमूने लेने के लिहाज से स्वाब टेस्ट को ही अधिक सुरक्षित माना गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अधिक सुरक्षित माना जाता है। 
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