प्रतीकात्मक तस्वीर
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अध्ययन के मुताबिक, 100 फीसदी कॉटन पर वायरस 24 घंटे तक रहता है, जबकि शोध के दौरान पाया गया कि पॉलीकॉटन पर वायरस केवल छह घंटे तक ही जीवित रहा। दरअसल, वैज्ञानिकों ने 72 घंटों तक प्रत्येक सामग्री पर वायरस की स्थिरता की निगरानी की।