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Coronavirus: कोरोना में काढ़ा पीने के क्या फायदे हैं? विशेषज्ञ से जानें ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब

Sat, 19 Dec 2020 12:04 AM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों की संख्या पहले के मुकाबले अब काफी कम आ रही है और लोग तेजी से संक्रमण से ठीक भी हो रहे हैं। यहां पिछले 24 घंटों के दौरान 31 हजार से अधिक लोग कोविड-19 से स्वस्थ हुए हैं और इसी के साथ देश में स्वस्थ होने की दर 95.40 फीसदी तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक 95 लाख 20 हजार से अधिक लोग स्वस्थ हो चुके हैं। यहां बड़ी संख्या में लोगों के ठीक होने के पीछे कई वजहें हैं, जिसमें घरेलू नुस्खे, जैसे काढ़े का इस्तेमाल भी शामिल है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं आयुर्वेद, कोरोना और काढ़े से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना महामारी के दौरान आयुर्वेदिक दवाइयों के भी ट्रायल हुए, उसके नतीजे क्या रहे? 
  • आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा बताते हैं, 'कोरोना के दौरान देशभर में 130 से अधिक स्थानों पर आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा और होमियोपैथी, आयुष की सभी विधाओं को मिलाकर करीब 114 अलग-अलग प्रकार के अध्ययन हुए। ये अध्ययन देश में लगभग पांच लाख लोगों पर हुए, उनमें कई पूरे भी हो गए हैं और प्रकाशन की स्टेज पर हैं। अध्ययन में पाया गया कि जिन्होंने पहले से दवाइयां लीं, उन्हें कोविड हुआ तो संक्रमण कम पाया गया। जिन्हें संक्रमण हुआ, उन्होंने सामान्य इलाज के साथ आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन किया तो जल्दी ठीक हुए, ऐसे कई नतीजे सामने आए हैं।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अल्ट्रा वॉयलेट सैनिटाइजर से ऊनी कपड़े किस हद तक सैनिटाइज हो जाते हैं? 
  • राजेश कोटेचा बताते हैं, 'अल्ट्रा वॉयलेट सैनिटाइजर कपड़ों पर मौजूद वायरस को मार देता है, यह बात तो अध्ययन में सिद्ध हो चुकी है, लेकिन यह कोविड-19 वायरस को मारने में सक्षम है या नहीं, इसके कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
काढ़ा पीने के क्या फायदे हैं? 
  • राजेश कोटेचा बताते हैं, 'आयुष मंत्रालय द्वारा लॉन्च आयुष संजीवनी ऐप का इस्तेमाल देशभर में लोग कर रहे हैं। हमारे पास एक करोड़ 47 लाख लोगों का डाटा आया, जिसमें लोगों ने बताया कि उन्होंने किसी न किसी रूप में आयुर्वेदिक चीजों का सेवन किया, जिसमें अधिकांश लोगों ने काढ़े का नाम लिया। काढ़े में मौजूद तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सौंठ, आदि में एंटीवायरल गुण होते हैं। एक प्री-क्लीनिकल स्टडी में तुलसी की तुलना रेमडेसिविर से की गई, तो इसमें तो कोविड-19 से लड़ने में सक्षम एंटीवायरल तत्व पाए गए। इसलिए मैं सभी से अपील करूंगा कि तुलसी और काढ़ा का सेवन करते रहें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
काढ़ा पीने से कुछ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगीं, इसपर आप क्या कहेंगे? 
  • राजेश कोटेचा कहते हैं, 'आयुष मंत्रालय ने कई माध्यमों से काढ़ा में प्रयोग होने वाली चीजों का सही अनुपात बताया। लोगों ने उसको अपनाया भी, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जो अपने मन से उसमें अलग-अलग चीजें मिलाने लगे। वो नुकसान कर गया। अगर सामान्य काढ़ा दिन में तीन-चार बार भी पिएंगे तो वो थोड़ा गर्म रहेगा, लेकिन नुकसान नहीं करेगा। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के अपने आप से कुछ भी मिलाकर काढ़ा बनाएंगे तो उसका सेवन करने से परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अणु तेल को नाक में डालने के क्या फायदे हैं? 
  • राजेश कोटेचा बताते हैं, 'यह बात क्लीनिकल स्टडी में सिद्ध है कि अणु तेल नाक से होने वाले संक्रमण से बचाता है। अणु तेल ही नहीं बल्कि देशी घी या तिल के तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं। यह स्टडी तो अब हुई है, लेकिन सदियों पुराने अनुभव के आधार पर चिकित्सक इसकी सलाह वर्षों से देते आ रहे हैं।' 
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