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विशेषज्ञ से जानें: क्या वैक्सीन कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट पर भी प्रभावी है?

Mon, 02 Aug 2021 05:17 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
देश में चल रहे कोविड टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 47 करोड़ 22 लाख से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 17 लाख से अघिक लोगों को टीके लगाए गए हैं। हालांकि अभी भी रोजाना 40 हजार के करीब नए मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच काफी संख्या में मरीज ठीक भी हो रहे हैं। देश में संक्रमण से ठीक होने की दर फिलहाल 97.35 फीसदी है। अब तक लगभग तीन करोड़ आठ लाख 57 हजार से अधिक मरीज कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। लेकिन इस दौरान कोरोना के नए-नए वैरिएंट्स और तीसरी लहर की संभावनाओं ने चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट को काफी खतरनाक माना जा रहा है, जिसके मामले भारत में भी बहुत हैं। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि क्या वैक्सीन कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट पर भी प्रभावी है? 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या वैक्सीन कोरोना के अलग-अलग वैरिएंट पर भी प्रभावी है? 
  • पटना मेडिकल कॉलेज के डॉ. अभय सिन्हा कहते हैं, 'जी हां, अभी तक जो भी वैक्सीन हमारे देश में लगाई जा रही हैं, वो नए वैरिएंट की गंभीरता से भी बचाती हैं। इसलिए बिना देर किए वैक्सीन लगवाएं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचने के लिए क्या सलाह देंगे? 
  • डॉ. अभय सिन्हा कहते हैं, 'डेल्टा प्लस वैरिएंट के करीब 70-80 केस भारत में हैं, ज्यादातर केस महाराष्ट्र, केरल और यूपी से हैं। कई अन्य राज्यों में काफी कम केस हैं। डेल्टा प्लस तेजी से फेफड़ों में पहुंचता है, इसकी वजह से जो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है, ये उससे भी बच जाता है। इससे बचाव सबसे ज्यादा जरूरी है। इसलिए कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करें और वैक्सीन जरूर लगवाएं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जो लोग अपने माता-पिता से दूर हैं, ऐसे बच्चों को क्या संदेश देंगे? 
  • डॉ. अभय सिन्हा कहते हैं, 'अगर माता-पिता बुजुर्ग हैं तो दूर रहने वाले बच्चों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। माता-पिता से रोज फोन के जरिये संपर्क करें। कोविड ऐसी बीमारी है, जिसने लोगों के रहन-सहन में काफी बदलाव ला दिया है। बुजुर्ग बाहर नहीं जा सकते हैं, इसलिए वक्त निकाल कर खुद उनसे मिलने आना चाहिए। इससे मां-बाप की जो चिंता है बच्चों को लेकर, उन्हें भी संतोष मिलता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बुजुर्ग घर पर रहते हुए खुद को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं? 
  • डॉ. अभय सिन्हा कहते हैं, 'बुजुर्गों को घर में ही योग, प्राणायाम, कसरत आदि करना होगा। साथ ही घर के सदस्यों की जिम्मेदारी है कि उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करें। बच्चों के साथ उठना-बैठना और बातचीत करें। परिवार के अन्य सदस्य भी उनके लिए समय निकालें और उनसे चर्चा करें। बुजुर्ग फोन के जरिये दोस्त, रिश्तेदार से बात करें। इस वक्त उन्हें बिल्कुल भी अलग-थलग न करें।' 
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