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विशेषज्ञ की सलाह: पोस्ट कोविड में लोगों को हो रही ये गंभीर समस्या, बिल्कुल न करें नजरअंदाज

Wed, 04 Aug 2021 03:35 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के आठ राज्यों में आर वैल्यू यानी रिप्रोडक्शन नंबर एक से अधिक है। ऐसे में यह महामारी की तीसरी लहर की दस्तक मानी जा रही है। हालांकि सरकार का ऐसा नहीं मानना है। इससे पहले हाल ही में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) हैदराबाद और कानपुर के वैज्ञानिकों ने गणितीय आधार पर तीसरी लहर का अनुमान लगाया है, जिसमें बताया गया है कि तीसरी लहर का पीक अक्तूबर में आएगा। वही, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने अगस्त में ही तीसरी लहर आने का दावा किया है। ऐसे में चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इसके अलावा एक और चिंता है, जो लोगों को काफी परेशान कर रही है और वो है पोस्ट कोविड की समस्या यानी कोरोना से स्वस्थ होने के बाद की दिक्कतें। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं पोस्ट कोविड और कोरोना से जुड़े कुछ सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना की वर्तमान स्थिति को कैसे देखते हैं? 
  • दिल्ली स्थित आरएमएल अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'अगर मौजूदा स्थिति को देखें तो पहले जो केस 30 हजार तक पहुंच रहे थे, वहीं अब केस एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि देख सकते हैं कि लोग घूमने निकल रहे हैं, धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं, पार्टी-समारोह आदि में लोगों की भीड़ बढ़ रही है। जहां तक वैक्सीन का सवाल है, तो सभी लोगों को लगाने में वक्त लग सकता है। इसलिए कोविड नियमों का पालन जरूरी है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कई राज्यों में स्कूल दोबारा खोले जा रहे हैं, छात्र किन बातों का ध्यान रखें? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'क्लासरूम में बच्चे जो सीख सकते हैं, वो ऑनलाइन नहीं सिखाया जा सकता। लेकिन स्कूल खोलने पर कई बातों का ध्यान रखना होगा। सुरक्षित दूरी से लेकर, हाथ साफ करना और मास्क लगाने जैसे नियमों का पालन कराना है। ऐसे में अभिभावकों के लिए संभव है तो खुद बच्चों को स्कूल तक पहुंचाएं, जिससे बाहर जाने में वो किसी और के संपर्क में न आएं। उन्हें घर से लंच, पानी दें, ताकि वो दूसरे से न लें। स्कूल स्टाफ को बच्चों पर ध्यान देना होगा, ताकि वो इधर-उधर जाकर किसी भी चीज के संपर्क में न आएं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पोस्ट कोविड में लंबे समय से दर्द है, क्या करें? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'पोस्ट कोविड में या लॉन्ग कोविड में लोगों की मसल्स (मांसपेशियां), हड्डियों में दर्द देखा गया है। कई लोगों में तीन से छह महीने तक दर्द देखा गया है। अगर अर्थराइटिस (गठिया) भी है और पहले से दवा चल रही है, तो उसे लेते रहें। लेकिन अगर नहीं है तो खुद से कोई दवा न लें। अगर दर्द ज्यादा है तो डॉक्टर को दिखाकर दवा लें। इसकी दवा से लोगों को आराम मिल जाता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना वायरस में आर वैल्यू क्या है? 
  • डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'रिप्रोडक्शन नंबर, ये बताता है कि एक व्यक्ति के अंदर का वायरस कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है। जब भी आर वैल्यू बढ़ती है, यानी एक से बढ़ता है तो इंफेक्शन का रेट (संक्रमण की दर) बढ़ने लगता है। जैसे कई लोगों में इंफेक्शन रेट 10 प्रतिशत से ऊपर भी पहुंच जाता है। इसलिए लोगों को वायरस से बचने के लिए कोविड नियमों का पालन करना है और वैक्सीन जरूर लगवानी है।' 
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