प्रतीकात्मक तस्वीर
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वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वायरस के प्रति लोगों में लॉन्ग टर्म एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को लेकर अभी भी बहुत कुछ सामने नहीं आ सका है। जेम्स बैथेल ने कहा कि यह शोध का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो समय के साथ कोविड-19 के खिलाफ विकसित होने वाली एंटीबॉडी की प्रकृति को समझने में मदद कर सकता है। इंपीरियल कॉलेज लंदन के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पॉल एलियट ने कहा, "अबतक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि शरीर में एंटीबॉडी का स्तर क्या रहता है और इम्यूनिटी कितने समय तक रहती है।"