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Health Tips: जीभ का रंग देखकर जान सकते हैं कहीं आपको कोई बीमारी तो नहीं? इस तरह के संकेत हो सकते हैं खतरनाक

Mon, 16 Sep 2024 04:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीभ के रंग में बदलाव - फोटो : freepik.com
शरीर को स्वस्थ रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दुनियाभर में कई तरह की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें से ज्यादातर ऐसी हैं जिनके लक्षणों का अगर समय पर पता करके इलाज करा लिया जाए तो गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। आप बीमारियों की पहचान कैसे करते हैं? शरीर पर दिखने वाले लक्षण या फिर जांच की रिपोर्ट के आधार पर।

क्या आप जानते हैं कि जीभ के रंग को देखकर भी आप शरीर में होने वाली कई प्रकार की समस्याओं का अंदाजा लगा सकते हैं? 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जीभ के रंग में बदलाव अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या जैसे कि संक्रमण या कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकता है। हमारी जीभ सामान्यतौर पर हल्की लाल-गुलाबी होती है। इसमें अगर आपको कोई असामान्य सा बदलाव दिखाई देता है तो सावधान हो जाएं। 
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जीभ का रंग - फोटो : freepik.com
जीभ देखकर लगा सकते  हैं समस्याओं का अंदाजा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हमारी जीभ शरीर में होने वाली कई तरह की बीमारियों का संकेत देती है। कई चिकित्सीय स्थितियां जीभ के आकार, रंग और बनावट को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ बीमारियों में तो जीभ का रंग हरा, नीला और काला तक हो जाता है।

वैसे तो सामान्य रंग में हल्के परिवर्तन हानिरहित होते हैं। हालांकि अगर इसमें कुछ बिल्कुल अलग सा दिख रहा है तो सावधान हो जाना जरूरी है। आइए रंग में बदलाव के आधार पर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कैसे की जा सकती है, इस बारे में समझते हैं।
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जीभ के रंग में बदलाव के बारे में जानिए - फोटो : freepik.com
पीला या नारंगी रंग

जीभ का पीला होना आमतौर पर बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण होता है। खराब मौखिक स्वच्छता और मुंह में नमी की कमी, दोनों ही जीभ पर बैक्टीरिया के बढ़ने का कारण बन सकते हैं।  2019 के एक अध्ययन से पता चलता है कि पीली जीभ मधुमेह का संकेत हो सकती है और कुछ मामलों में इसे पीलिया का लक्षण भी माना जाता है।

इसी तरह जीभ का रंग नारंगी होना भी ध्यान देने योग्य संकेत है। कुछ एंटीबायोटिक्स और खाद्य पदार्थों के कारण जीभ का रंग नारंगी हो जाता है। जबकि कुछ मामलों में इसे ओरल हाइजीन में गड़बड़ी का लक्षण माना जाता है।

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जीभ का रंग - फोटो : freepik.com
जीभ के रंग में बदलाव ल्यूकोप्लाकिया का संकेत

कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में आपकी जीभ का रंग हल्के गुलाबी से बदलकर सफेद पैच जैसा नजर आ सकता है। सफेद धब्बे थ्रश फंगल संक्रमण का संकेत हो सकते हैं। ऐसा अक्सर तब होता है जब किसी बीमारी या दवा के कारण मुंह में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है। इस तरह के बदलाव पर ध्यान दिया जाना जरूरी है क्योंकि ल्यूकोप्लाकिया की समस्या में भी जीभ में ऐसा बदलाव देखा जाता रहा है।
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जीभ के रंग में बदलाव - फोटो : freepik.com
जीभ का रंग नीला होना

जीभ का रंग हल्के गुलाबी से बदलकर नीला हो जाना या जीभ पर नीले धब्बे दिखना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की तरफ इशारा माना जाता है। आमतौर पर इस तरह का बदलाव रक्त में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है। रक्त विकार, रक्त वाहिकाओं से संबंधित रोग, किडनी की बीमारी के कारण भी आपको जीभ पर इस तरह का बदलाव नजर आ सकता है। एक्जिमा भी नीली जीभ का एक और संभावित कारण हो सकती है।


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स्रोत और संदर्भ
The tongue features associated with type 2 diabetes mellitus

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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