दुनियाभर में कोरोना के नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के बढ़ रहे मामलों को कम करने के लिए कई अध्ययनों में वैज्ञानिक, वैक्सीन की दो डोज को अपर्याप्त बता रहे हैं। अध्ययनों में कहा जा रहा है कि कुछ महीनों के बाद वैक्सीन से शरीर में बनीं एंटीबॉडीज का स्तर कम हो जाता है, ऐसे में लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए तीसरे यानी कि बूस्टर डोज देने की आवश्यकता हो सकती है। कई देशों ने लोगों को बूस्टर डोज देने की शुरुआत भी कर दी है। इसी से संबंधित हाल के इजराइल में किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने तीसरी डोज की आवश्यकताओं पर जोर दिया है।
तमाम अध्ययनों के निष्कर्ष के आधार पर इज़राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए डेटा में बताया गया है कि फाइजर वैक्सीन की तीसरी डोज 60 या उससे अधिक उम्र के लोगों को संक्रमण से काफी बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकती है। गौरतलब है कि इज़राइल दुनिया का पहला देश है जिसने 60 से अधिक आयु के लोगों के लिए जुलाई के अंत में बूस्टर शॉट्स को मंजूरी दी थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश की 93 लाख की आबादी में से करीब 15 लाख लोगों को तीसरी खुराक मिल भी चुकी है।