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Corona Vacccine Update: साल के इस महीने तक आ सकती है कोरोना की यह वैक्सीन

Sun, 21 Jun 2020 08:12 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Vaccine Update - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं। इस बीच भारत में कोरोना के शुरुआती मरीजों के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिराविर को फैबिफ्लू के नाम से बनाने और मार्केटिंग करने की अनुमति मिल चुकी है। वैक्सीन की प्रगति को लेकर भी अच्छी रिपोर्ट आ रही हैं। हालांकि क्लिनकल ट्रायल की प्रक्रिया लंबी होने के कारण इसमें देर हो रही है। खबरों के मुताबिक, दुनियाभर में कोरोना के लिए 100 से ज्यादा तरह के वैक्सीन पर शोध हो रहे हैं। कई वैक्सीन इस रेस में आगे चल रही है, जिनमें से एक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से बनाई जा रही AZD1222 वैक्सीन भी है। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pexels
  • कई तरह की वैक्सीनों पर चल रहे अलग-अलग फेज के क्लिनिकल ट्रायल के बीच ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार कोरोना वैक्सीन AZD1222 से उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। इस वैक्सीन को ChAdOx1 nCoV-19 वैक्सीन भी कहा जाता है। यह वैक्सीन शरीर में वायरस के स्पाइक प्रोटीन को पहचानने में मदद करती है। संक्रमण फैलाने के लिए कोरोना वायरस इसी स्पाइक प्रोटीन से सेल्स को जकड़ता है।
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Coronavirus Vaccine Update - फोटो : Amar Ujala
  • ब्रिटेन की इस वैक्सीन को सफल बनाने के लिए यूरोप के कई देश साथ मिलकर काम कर रहे हैं और एक-दूसरे की मदद भी कर रहे हैं। विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यह इकलौती वैक्सीन है, जिसके अक्तूबर महीने तक सफल होने की उम्मीद की जा रही है। सफल होने पर इस साल के अंत तक इसके बड़े पैमाने पर बाजार में उपलब्ध होने की उम्मीद लगाई जा रही है। 

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Corona Vaccine Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • अमेरिकी वेबसाइट साइंस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इस पर रिसर्च कर रहा है कि 'मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम- MERS' के लिए डेवलप की गई वैक्सीन कोरोना वायरस पर कितनी असरदार होगी। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की यह वैक्सीन अन्य वैक्सीनों के मुकाबले काफी आगे चल रही है। पश्चिम के कई देश इस वैक्सीन से उम्मीद लगाए बैठे हैं। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : पिक्सा
  • इस वैक्सीन का 800 लोगों पर क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है। भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भी ट्रायल शुरू होने के साथ ही वैक्सीन बनाने के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी की है, ताकि इसके सफल होते ही इसका उत्पादन शुरू कर दिया जाए। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI
  • रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में वैक्सीन का ट्रायल कम लोगों पर ही किया गया था, जिसके परिणाम बेहतर थे। अब बड़े स्तर पर ट्रायल हो रहा है, जिसका नतीजा आना बाकी है। इस ट्रायल के लिए वैक्सीन की खुराक का उत्पादन इटली के रोम में एडवेंट कंपनी ने किया हैं। 
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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
  • खबरों के मुताबिक, इस वैक्सीन के लिए यूरोप के कई देश उम्मीद लगाए बैठे हैं। पिछले हफ्ते ही इटली, जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड ने ऑक्सफोर्ड वैक्सीन की 40 करोड़ डोज के लिए डील की है। बड़े ट्रायल के बाद अगर इस वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो AstraZeneca कंपनी भी बहुत कम समय में लाखों डोज का उत्पादन करेगी। अमेरिका और ब्रिटेन इस कंपनी से करार भी कर चुके हैं।

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कोरोना वायरस वैक्सीन (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 11 वैक्सीन क्लिनिकल टेस्टिंग शुरू कर चुके हैं और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन ट्रायल के आखिरी फेज में पहुंच गई है। दूसरी ओर इस वैक्सीन से उम्मीद लगाए इटली के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्टो स्पेरंजा ने कहा है कि उनके वैज्ञानिकों के मुताबिक ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन ही सबसे पहले आएगी। अन्य कोई कंपनी ऐसी उम्मीद नहीं दिखा रही है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
  • पिछले दिनों ब्रिटेन की बायो कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कहा था कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन की लाखों डोज के लिए कंपनी तैयार है। कंपनी के मुताबिक, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे के साथ-साथ भारत में भी वैक्सीन का निर्माण हो रहा है। कंपनी के सीईओ पैस्कल सोरिअट ने बीबीसी से कहा था कि महामारी घोषित रहने तक कंपनी वैक्सीन निर्माण से लाभ नहीं कमाएगी।
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