यह बीमारी केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी होती है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्वस्थ कोशिकाओं पर हमले से शरीर में खून के थक्के जमने लगते हैं। इस सिंड्रोम का असर शरीर की नसों, धमनियों और अंगों पर पड़ता है। ब्ल्ड सर्कुलेशन यानी रक्त प्रवाह प्रभावित होने के कारण किडनी, फेफड़े, दिमाग, हाथ-पैर और गर्भ आदि अंग प्रभावित होते हैं। इसमें अंगो के निष्क्रिय होने के अलावा गर्भपात जैसी समस्या भी होती हैं।