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सावधान: इन कारणों से होती है अल्जाइमर की समस्या, ऐसी चीजों का सेवन बीमारी को बना सकता है गंभीर

Wed, 30 Mar 2022 03:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अल्जाइमर रोग के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए शारीरिक-मानसिक दोनों ही तरह की सेहत का ख्याल रखना बहुत आवश्यक है। अल्जाइमर जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं, पहले उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियों के तौर पर देखी जाती थीं, हालांकि जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी जैसे कई कारकों के चलते 40 की आयु के लोगों में इस समस्या का निदान किया जा रहा है। अल्जाइमर को डेमेंशिया रोग का सबसे आम रूप माना जाता है। यह विकारों का एक समूह है जिसमें लोगों की संज्ञानात्मक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें याददाश्त और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी दिक्कतों का अनुभव होने लगता है। 

अल्जाइमर एक प्रगतिशील तंत्रिका संबंधी विकार है जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षीण होने लगती हैं। यदि आपके परिवार में किसी को इस तरह की दिक्कत रह चुकी है तो आपको भी इससे सावधान रहना चाहिए। अल्जाइमर को आनुवांशिक विकार के तौर पर जाना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे लोगों को आहार का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए, कुछ चीजों का सेवन आपके जोखिमों को बढ़ा सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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अल्जाइमर रोग में याददाश्त की दिक्कतें - फोटो : Pixabay
अल्जाइमर रोग के बारे में जानिए
अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों को अल्जाइमर की फैमिली हिस्ट्री रही है ऐसे लोगों में इस बीमारी का जोखिम अधिक हो सकता है। अल्जाइमर रोग में उलझन, याददाश्त की समस्या, सोचने में कठिनाई, साधारण दैनिक कार्यों को करने में कठिनाई, घबराहट और यहां तक कि परिचित लोगों और चीजों को पहचानने में कठिनाई जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है। 
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प्रोसेस्ड फूड्स से बनाएं दूरी - फोटो : iStock
ऐसी चीजें बढ़ा सकती हैं बीमारी का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में आहार की विशेष भूमिका होती है, वहीं यदि आपमें इन रोगों का आनुवांशिक जोखिम है तो इस बारे में विशेष सावधानी बरतनी और भी आवश्यक हो जाती है। शोध से पता चलता है कि प्रोसेस्ड और प्रिजर्व्ड खाद्य पदार्थों का सेवन आपके जोखिमों और रोग की गंभीरता को बढ़ा सकता है। अल्जाइमर के खतरे से बचे रहने के लिए चीज, ब्रेड और प्रोसेस्ड मीट के साथ जैम, जेली और फ्रोजन जैसे प्रिजर्व्ड खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाना चाहिए। 

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अल्जाइमर की समस्या को गंभीरता से लें - फोटो : Istock
अल्जाइमर से बचाव के लिए कैसा रखें आहार?
प्रोसीडिंग्स ऑफ न्यूट्रिशन सोसाइटी की एक समीक्षा में बताया गया है कि विटामिन-बी और फोलेट वाली चीजों का सेवन उम्र बढ़ने के साथ होने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। फोलेट वाले आहार समग्र तंत्रिका तंत्र को मजबूत और स्वस्थ रखकर मस्तिष्क के कार्यों को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं। 
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साग का सेवन है फायदेमंद - फोटो : iStock
हरी पत्तेदार सब्जियां-साग फायदेमंद
न्यूरोलॉजी जर्नल
में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि दिन में कम से कम एक हरी पत्तेदार सब्जी का सेवन करने वाले लोगों में संज्ञानात्मक गिरावट और स्मृति हानि का जोखिम कम होता है। पत्तेदार साग फोलेट, विटामिन-ए और सी, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट का समृद्ध स्रोत माने जाते हैं जो लंबे समय में मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। इनमें फोलेट की मात्रा स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने और मस्तिष्क के कार्यों को बेहतर बनाए रखने में सहायक है।
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मानसिक स्वास्थ्य का रखें ध्यान - फोटो : Pixabay
मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
  • शारीरिक सक्रियता, नियमित व्यायाम-योग करें।
  • लोगों से मिलें, बातें करें, अपनी परेशानियों को साझा करें।
  • आहार और हाइड्रेशन का खास ख्याल रखें।
  • अपने पसंद की चीजें करें।
  • तनाव-चिंता प्रबंधन के उपाय करें। 
  • किसी भी तरह की मानसिक स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर बेझिझक विशेषज्ञों से सलाह लें। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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