फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: इस साल आतंकी घटनाओं में आठ BJP नेताओं समेत 35 की मौत, ग्रेनेड हमले में 4 साल का बच्चा भी...

Sat, 07 Nov 2020 10:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
विज्ञापन
1 of 8
security forces - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष आतंकी घटनाओं में 8 भाजपा कार्यकर्ताओं समेत कुल 35 से अधिक स्थानीय लोगों की मौत हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के युवा मोर्चा के अध्यक्ष वसीम बारी, उसके भाई उमर शेख और पिता बशीर शेख के अलावा ओमपोरा बडगाम के अब्दुल हमीद नजार, कुलगाम जिले के भाजयुमो महासचिव फिदा हुसैन, वाईके पोरा के उमर रमजान और कुलगाम सोपट के हारून रशीद बेग शामिल हैं। 
 
विज्ञापन

2 of 8
security forces - फोटो : बासित जरगर
दालवाशी बडगाम के बीडीसी चेयरमैन भूपेन्द्र सिंह की भी निर्मम हत्या की गई थी। इसके अलावा श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र खोंमुह के निसार अहमद उर्फ कोबरा को अगवा कर मारा गया था। उसका शव दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के दंगम गांव से बरामद हुआ था। बताया जा रहा था कि वो भाजपा से संबंधित था लेकिन बाद में पार्टी ने इस बात को नकारा था। 
 
विज्ञापन

3 of 8
security forces - फोटो : बासित जरगर
 वहीं कई स्थानीय लोग भी आतंकियों का निशाना बने। उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में मुठभेड़ के दौरान आतंकियों की गोली लगने से एक मानसिक रोगी की मौत हो गई थी। दक्षिणी कश्मीर के बिजबिहाड़ा में आतंकियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले में 4 वर्ष का निहान भट मारा गया। इस हमले में सीआरपीएफ़ की 90 बटालियन का एक जवान शाम लाल भी शहीद हुआ था। 

 

4 of 8
कुलगाम में भाजपा नेताओं की हत्या - फोटो : बसित जरगर
आतंकियों ने त्राल पायीन के ग़ुलाम नबीमीर, रेडवानी बाला कुलगाम में एक ऑटो चालक महराजुदीन भट, तारीगाम कुलगाम में वसीम अहमद, रेडवानी कुलगाम में ग़ुलाम हसन वागे व सिराजुदीन गोरसी और लारकीपोरा में मोहम्मद सलीम डार को मौत के घाट उतारा था।
विज्ञापन

5 of 8
kulgam attack on bjp leaders - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सैनिक बशीर अहमद को भी आतंकियों ने बछरू कुलगाम में गोली मारी थी। इसके अलावा कंगन पुलवामा में मानसिक रोगी आजाद अहमद की भी हत्या की थी। वहीं एडवोकेट बाबर कादरी को हवाल श्रीनगर में, पूर्व आतंकी तनवीर सोफी को रतनीपोरा पुलवामा में गोली मारी थी।  
 
विज्ञापन

6 of 8
security forces - फोटो : बासित जरगर
1989 से अब तक 5000 राजनीतिक कार्यकर्ता मारे जा चुके
बता दें, 1989 से शुरू हुए आतंकवाद के दौर से लेकर अब तक करीब 5000 राजनीतिक कार्यकर्ताओं को मौत हो चुकी है। सबसे पहली राजनीतिक हत्या 21 अगस्त, 1989 को श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में हुई थी, जब आतंकियों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता मोहम्मद यूसुफ हलवाई को गोली मारी। 
 
विज्ञापन

7 of 8
security forces - फोटो : बासित जरगर
उसके पीछे कारण यह था कि उसने 15 अगस्त को घर की लाइट बंद करने से इंकार किया था। उस समय डॉ. फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री थे और जेकेएलएफ़ ने ‘ब्लैकआउट’ की कॉल दी थी। उसके बाद 13 सितंबर, 1989 को श्रीनगर के टीका लाल टपलू (भारतीय जनसंघ नेता) को आतंकियों ने गोली मारी थी। इसके अलावा कई पंचायती सदस्यों को भी निशाना बनाया जा चुका है।

 
विज्ञापन

8 of 8
security forces - फोटो : बासित जरगर
पाकिस्तानी गोलाबारी में भी कई नागरिकों की जान गई
इसके अलावा कई स्थानीय नागरिक पाकिस्तान द्वारा की गई गोलाबारी में भी मारे गए। इनमें दो सेना के पोर्टर मोहम्मद असलम (28) और अलताफ़ हुसैन (23) शामिल हैं जोकि गुलपुर पुंछ के रहने वाले थे। करनाह कुपवाड़ा के धानी सदपोरा गांव के मोहम्मद सलीम (61), तुमाना गांव के जीशान बशीर, रेडी चौकीबल की शमीमा बेगम व जावेद खान, उड़ी बारामुला की अख्तर बेगम, पुंछ बालाकोट की रेशमा बीबी, रंगवार कुपवाड़ा के मोहम्मद आरिफ़, पुंछ के सादिक़ अहमद (65) और तंगधार के मोहम्मद यगूब मीर भी पाकिस्तानी गोलाबारी का निशाना बने।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें