कश्मीर में 60 घंटे बाद फिर आतंकियों ने टारगेट किलिंग को अंजाम दिया। सोमवार देर रात लगभग साढ़े 12 बजे दक्षिण कश्मीर के शोपियां में उत्तर प्रदेश के दो श्रमिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों की शिनाख्त कन्नौज जिले के मुनीष अहमद व सागर अली के रूप में हुई है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घर में सो रहे श्रमिकों पर आतंकियों ने पहले ग्रेनेड हमला किया। इसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां उसे मृत लाया घोषित कर दिया। इससे पहले शनिवार को भी आतंकियों ने शोपियां में ही कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह अपने बगीचे में जा रहे थे तभी आतंकियों ने उन्हें शिकार बनाया।
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Shopian (File)
- फोटो : अमर उजाला
पूरण की सुरक्षा में तैनात सभी गार्ड को सोमवार को बटालियन में भेज दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
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कश्मीर पंडित पूरन कृष्ण भट के पार्थिव शव को ले जाते परिजन
- फोटो : बासित जरगर
तीन महीने की खामोशी के बाद फिर हत्याएं शुरू
जुलाई, अगस्त व सितंबर में तीन महीने की खामोशी के बाद एक बार घाटी में टारगेट किलिंग होने लगी है। अक्तूबर माह में 60 घंटे के भीतर कश्मीरी पंडित और उत्तर प्रदेश के दो श्रमिकों की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इससे पहले मई व जून के महीने में 10 लोगों की हत्या की।
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टारगेट किलिंग के बाद पहुंचे सुरक्षाबल
- फोटो : बासित जरगर
इनमें 31 मई को कुलगाम के गोपालापोरा में सांबा निवासी शिक्षक रजनी बाला, 25 मई को बडगाम में टीवी कलाकार अमरीन भट की घर के बाहर, 12 मई को बडगाम के चाडूरा तहसील कार्यालय परिसर में घुसकर कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट की हत्या कर दी गई।
17 मई को बारामुला में शराब की दुकान पर ग्रेनेड हमला किया गया जिसमें सेल्समैन रंजीत सिंह की जान चली गई। दो जून को कुलगाम में बैंक प्रबंधक की गोली मारकर हत्या की गई। इसी दिन बडगाम में दो गैर कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाया गया जिसमें एक की मौत हो गई।