जम्मू के सुंजवां मुठभेड़ में ढेर किए गए जैश के दोनों फिदायीन आतंकी सांबा जिले से सब्जी लदे ट्रक में सुंजवां लाए गए थे। दोनों आतंकियों के अफगानी होने का शक है। इन आतंकियों को पहले जम्मू में सुंजवां के जलालाबाद किराए के कमान में ठहराया गया और फिर यहां से टारगेट बताकर दो मोबाइल फोन और हथियार उपलब्ध करवाए गए। जांच में मिले सुबूतों के आधार पर पुलिस ने साजिश में शामिल पुलवामा के त्राल के दो भाइयों समेत चार लोगों को चिह्नित किया। इनमें से दो पकड़े गए हैं, जबकि आतंकियों को ट्रक से लाने वाले समेत दो फरार हैं। त्राल निवासी दो भाई शफीक अहमद और आसिफ अहमद नरवाल में अखरोट प्रसंस्करण कारखाने में काम करते हैं। यह इलाका सुंजवां से सटा हुआ है। सुंजवां मुठभेड़ को लेकर शनिवार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश सिंह ने कई खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने बताया कि दोनों आतंकियों के अफगानी होने का शक है, वह हिंदी-अंग्रेजी या उर्दू भाषा नहीं जानते थे।
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आतंकियों से मिले मोबाइल
- फोटो : अमर उजाला
सिर्फ पश्तो बोलते थे फिदायीन, नहीं जानते थे हिंदी-अंग्रेजी या उर्दू
एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि तकनीकी सुबूतों को खंगालने के बाद पकड़े गए शफीक ने पूछताछ में जो खुलासा किया है, उससे आतंकियों के अफगानी या फिर पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के होने की आशंका है। शफीक ने बताया कि दोनों फिदायीन हिंदी, उर्दू या अंग्रेजी नहीं जानते थे। वे सिर्फ पश्तो में बात कर रहे थे।
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मुठभेड़ स्थल पर पहुंची एनआईए
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Sunjwan terrorist attack
- फोटो : एजेंसी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रमुख व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने शनिवार को सुंजवां इलाके का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले शुक्रवार को सुंजवां में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो आत्मघाती हमलावर मारे गए थे।
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Sunjwan terrorist attack
- फोटो : एजेंसी
मुठभेड़ में सीआईएसएफ के एक अधिकारी शहीद हो गए थे, जबकि 10 अन्य जवान घायल हुए हैं। एनआईए प्रमुख को मौके पर सीआरपीएफ व सीआईएसएफ के अधिकारियों ने घटना व मुठभेड़ के बारे में जानकारी दी। सीआरपीएफ 38 बटालियन के कमांडेंट धीरेंद्र वर्मा ने घटनाक्रम तथा उसके बाद उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
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Sunjwan terrorist attack
- फोटो : संजय कुमार
उन्होंने मौके पर कहा कि एनआईए की एक टीम ने शुक्रवार शाम को मुठभेड़ स्थल का दौरा किया था और एजेंसी इस मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है। हालांकि, यह भी कहा कि फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर है।
आपको बता दें कि शुक्रवार को जैश के दो फिदायीन हमलावरों को मार गिराने के साथ ही सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया था। हमलावरों ने सीआईएसएफ के वाहन को भी निशाना बनाया था। अंधाधुंध फायरिंग में 11 जवान घायल हुए थे जिसमें एक एएसआई एसपी पटेल ने दम तोड़ दिया था।