कोरोना महामारी ने आर्थिक और मानसिक रूप से लोगों का तनाव बढ़ा दिया है। तंग आकर लोग जान तक देने को मजबूर हो रहे हैं। खासकर युवा वर्ग बेरोजगारी और अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। बेशक चिंता, अवसाद, तनाव और खुदकुशी के पीछे कोई और वजह हो सकती है, लेकिन कोरोना महामारी से पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल ने लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। कोरोना महामारी के बीच कई लोगों की नौकरी चली गई। कई लोगों का कारोबार ठप हो गया। घरेलू हिंसा बढ़ रही है। यह तमाम ऐसे कारण हैं, जो लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल रहे हैं। जिसके चलते कुछ लोग खुदकुशी करने पर मजबूर हो जाते हैं।
यदि आप किसी तरह की चिंता, अवसाद, तनाव, पैनिक अटैक, पोस्ट ट्रॉमा स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी), एडजस्टमेंट डिसऑर्डर, आत्महत्या के विचार, मादक द्रव्यों के सेवन, मानसिक स्वास्थ्य आपातकाल और महामारी प्रेरित मनोवैज्ञानिक तनाव से जूझ रहे हैं तो आपको 24 घंटे इससे बचने की सलाह मिल सकती है।