फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: जीआई टैगिंग के साथ अब ऑनलाइन मिलेगा पूर्ण शुद्धता का कश्मीरी केसर, इस तरह चेक हो रही केसर की गुणवत्ता

Fri, 27 Aug 2021 10:23 PM IST
करिश्मा चिब अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू-कश्मीर
विज्ञापन
1 of 5
केसर की खेती - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर में केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने इसके प्रचार के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं। जीआई टैगिंग और प्रोसेसिंग की नई तकनीक से कश्मीर के केसर की क्वालिटी दुनिया भर में नम्बर वन पर पहुंच गई है। घाटी से केसर की बिक्री को बढ़ावा देने और प्रोसेसिंग के एकमात्र उद्देश्य के लिए एक नया केसर पार्क शुरू किया गया है जहां केसर के सैंपल की जांच की जाती है। एक अधिकारी ने बताया कि इसकी शुद्धता को मापने के लिए ऐसे आठ मापदंड हैं जिनपर इन नमूनों का परीक्षण किया जाता है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। उन्होंने बताया कि इन 8 मापदंडों में से नमी, बाहरी पदार्थ और विदेशी पदार्थ और कुल राख तीन मुख्य मापदंड हैं। हम उन्हें ग्रेड देते हैं और फिर ई-ऑक्शन करते हैं। यहां उन सभी मापदंडों पर काम होता है जो कश्मीरी केसर को सर्वश्रेष्ठ ग्रेड दिलाते हैं। कश्मीर का केसर स्पेन और ईरान के केसर से बेहतर माना जाता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. माजिद अली ने बताया कि स्पाइस पार्क के बनाने के पीछे यही मकसद था कि कश्मीरी केसर की शुद्धता बरकरार रहे।
विज्ञापन

2 of 5
कश्मीरी केसर की खेती। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि केसर के फूलों को इस प्रयोगशाला में भेजा जाता है। जहां वैज्ञानिक सभी नई तकनीक से उन्हें संशोधित करते हैं और बेहतरीन गुणवत्ता बनाए रख सकते हैं। डॉ. माजिद ने कहा कि गुणवत्ता और जीआई टैगिंग के साथ सरकार उत्पादों को सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर बेच सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
केसर की खेती - फोटो : सोशल मीडिया
कश्मीरी केसर का जो कम्पोनेंट है, अरोमा है वो काफी अच्छी है ईरान और स्पेन के मुकाबले। उनके अनुसार केसर की गुणवत्ता चेक करने के बाद उसे विशेष टैग दिया जाता है, ताकि खरीदार को शुद्ध कश्मीरी केसर मिले ना कि मिलावटी।

4 of 5
कश्मीरी केसर - फोटो : अमर उजाला
किसानों को होगा फायदा : डीसी
पुलवामा डीसी बसीर चौधरी ने कहा कि पहले यह सुविधा नहीं थी पर अब केंद्र सरकार ने यह बहुत अच्छी पहल की है, जिससे न केवल यहां के किसान को फायदा होगा बल्कि पूरे इलाके को फायदा होगा। यह पूरा इलाका इस प्रोडक्ट की वजह से जाना जाएगा, साथ ही साथ ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म खुले हैं। आने वाले दिनों में बाकी ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर भी यह उपलब्ध होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
फूलों से केसर अलग करते किसान - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर के किसान खुश
कश्मीर के किसान और दुकानदार बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इससे किसानों को सीधा फायदा होगा और वे लॉकडाउन के बावजूद अपना माल बेच सकते हैं। किसान बशीर अहमद ने कहा कि अगर सरकार ने ऐसा कदम उठाया है तो यह हमारे लिए बहुत अच्छा है क्योंकि इससे हमारे केसर का वैल्यू अच्छा होगा और इसका खर्चा कम होगा। अगर यह ऑनलाइन होगा तो उससे एक आदमी को संतुष्टि होगी कि हमें और कहीं जाने की जरूरत नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जीआई टैग से कश्मीरी केसर की पहचान बनेगी।

यह भी पढ़ें- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: देश सेवा से कभी पीछे नहीं हटे लद्दाखी, सभी के लिए राष्ट्र हो सर्वोपरि
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें