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नवरात्र से पहले वैष्णों देवी यात्रियों के लिये खुशखबरी, जल्द शुरु होगी ये बड़ी सेवा

Mon, 26 Sep 2016 07:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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माता वैष्णों देवी मंदिर - फोटो : FILE
माता वैष्णों देवी के दर्शन को जाने वाले यात्रियों के लिये अब भैरों मंदिर के दर्शन को जाने का सफर आसान होने जा रहा है । कटरा के पास त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णों के मंदिर के दर्शन को आने वाले लोगों के लिये भैरों मंदिर के जाने के लिये रोप-वे की सेवा अगले साल मार्च-अप्रैल में शुरु होने जा रही है । 
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मार्च से शुरु होगी रोप वे सेवा, हर घंटे 800 यात्री कर सकेंगे सफर

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रोप वे सेवा की शुरुआत - फोटो : Demo Pic.
श्री माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत साहू ने बताया कि भवन से भैरों घाटी के बीच रोप-वे की सेवा अगले साल मार्च-अप्रैल से शुरु होगी । इस रोप वे से हर घंटे 800 यात्री सफर कर सकेंगे ।
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भैरो मंदिर में दर्शन बिना अधूरी मानी जाती है यात्रा

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त्रिकुटा पहाड़ियो पर स्थित है भवन - फोटो : Amar Ujala
वैष्णों देवी मंदिर के मुख्य भवन से दो किमी की दूरी पर स्थित भैरों मंदिर के दर्शन के बिना वैष्णों देवी यात्रा को अधूरा माना जाता है । 

दो किमी की खड़ी चढ़ाई से होती है मुश्किल, 6619 फीट ऊंचाई पर है मंदिर

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माता वैष्णो देवी के भक्तों को म‌िलेगा फायदा - फोटो : फाइल
भैरों घाटी स्थित भैरों मंदिर की समुद्र तल से ऊंचाई 6619 फीट है । वैष्णों देवी मंदिर से 2 किमी दूरी पर स्थित इस मंदिर के दर्शन के लिये खड़ी चढ़ाई करके जाना पड़ता है । 
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वाई-फाई सेवा भी शुरु करने की तैयारी, भूस्खलन रोकने को लगेंगी मशीनें

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वैष्णों देवी के यात्रियों को सौगात - फोटो : BBC
साहू ने बताया कि वैष्णों देवी यात्रियों के लिये वाई-फाई सेवा भी शुरु की जानी है । इस बारे में संबंधित सेवा प्रदाता एजेंसियों से बातचीत भी शुरु हो गयी है । भूस्खलन रोकने के लिये भी कई अत्याधुनिक मशीनों को लगाया जाना तय हुआ है जिससे पहाड़ोें के अंदर की हलचल का पता लगाया जा सके । 
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भूस्खलन के खतरे वाले 33 स्थानों की हुुई पहचान, लगेंगे रॉकफाल बैरियर

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त्रिकुटा पहाड़ी - फोटो : Amar Ujala
साहू ने बताया कि ऩेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रॉक मैकेनिक औऱ आईआईटी ऱुड़की के मदद से मंदिर के रास्ते पर 33 खतरनाक स्थानों की पहचान हुई है । इन स्थानोॆं पर भूस्खलन होने के खतरे के मद्देनजर एहतियातन रॉक बैरियर लगाये जाने की योजना है ।
 
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vaishno devi - फोटो : Amar Ujala
​उन्होंने बताया कि मंदिर तक के 16 किमी तक के रास्ते पर मोटे शेड भी लगाये गये हैं जिससे भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों का बचाव हो सके । एक टीम हर हफ्ते मार्ग का दौरा करती है औऱ किसी भी स्थान पर भूस्खलन का खतरा होने पर पहा़ड़ियों को दुरुस्त करने का काम किया जाता है । 
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