माता खीर भवानी मंदिर
- फोटो : बासित जरगर
दो दिन पहले ही भजन कीर्तन शुरू हो जाते थे
कश्मीरी पंडित समुदाय के लोग आम तौर पर मेले से एक दो दिन पहले ही यहां डेरा डाल लेते हैं। मंदिर परिसर में चिनार की ठंडी छांव तले चारों ओर कश्मीरी पारंपरिक धुन और भजन कीर्तन करते हैं। कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। हर वर्ष हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं लेकिन इस बार भी यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।