कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका के बीच जम्मू संभाग में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी बड़ी चुनौती बनेगी। जम्मू संभाग के दस जिलों में स्वास्थ्य विभाग और एसएमजीएस अस्पताल में मौजूदा समय में 47 बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। इन दोनों संस्थानों में 74 सृजित पद हैं, जिनमें 26 पद खाली हैं। संभाग में तीसरी लहर के लिए ढांचागत सुविधाओं के साथ संसाधनों का विस्तार तो किया जा रहा है, लेकिन इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की भी जरूरत है। हालांकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत अनुबंध पर कई बाल रोग विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही हैं, लेकिन कुल मिलाकर लाखों की बच्चों की आबादी पर सीमित ही बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो विभाग के पास 51 बाल रोग विशेषज्ञों के पद सृजित हैं, जिसमें वर्तमान में 30 ही डॉक्टर उपलब्ध हैं, जबकि दो डेपुटेशन पर चिकित्सा शिक्षा विभाग में भेजे गए हैं। यानी 18 पद खाली पड़े हुए हैं। संभाग के दस जिलों में प्रत्येक जिले पर 2-3 ही डॉक्टर उपलब्ध हैं। इनमें भी अधिकांश डॉक्टर शहरी क्षेत्रों में बैठे हैं।