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जम्मू-कश्मीर: बासमती को 70 फीसदी तक नुकसान, मंडियों में खुले में पड़ा धान भी भीगा

Sun, 24 Oct 2021 12:07 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में फसल खराब होने से परेशान किसान - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में बारिश और ओलावृष्टि से मोटा धान व बासमती की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बीते सप्ताह आंधी से सात फीसदी नुकसान का आकलन किया गया था, लेकिन इस बार ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में 70 फीसदी तक फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। बासमती जम्मू, सांबा और कठुआ के मैदानी क्षेत्रों में उगाई जाती है। जम्मू जिले के आरएस पुरा क्षेत्र की बासमती विश्व विख्यात है। ऐसे में मौसम की मार से किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग की टीमें नुकसान का जायजा लेने में जुट गई हैं। अभी तक केवल 20 हजार क्विंटल अनाज ही मंडियों में पहुंच पाया है। ज्यादातर किसानों की फसल खेतों में ही पड़ी हुई है, जो बारिश की भेंट चढ़ गई।
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जम्मू-कश्मीर में फसल - फोटो : अमर उजाला
बारिश के कारण सुचेतगढ़, आरएस पुरा, कठुआ, सांबा और अन्य जगहों में धान की खेतों में काट कर रखी गई फसल पानी में डूब गई है।
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जम्मू-कश्मीर में फसल - फोटो : अमर उजाला
वहीं, ओलावृष्टि से भी नुकसान पहुंचा है। कृषि निदेशक केके शर्मा ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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बासमती की फसल
किसानों को पहले ही जानकारी दी गई थी।
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ओलावृष्टि
एडवाइजरी के माध्यम से फसल न काटने के लिए सूचित किया गया है। बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हुई है।

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