पुलिस कर्मियों की अपराधियों से सांठगांठ, जघन्य अपराध विभाग और जनता के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। कुछ पुलिस कर्मी आपा खोकर खाकी को दागदार कर रहे हैं। साथ ही कर्मियों को हथियार देकर घर भेजना भी महंगा साबित हो रहा है। खासकर सरकारी अफसरों के साथ पीएसओ के तौर पर तैनात होने वाले कर्मी अपनी सहनशक्ति खो रहे हैं। नौ माह की बात करें तो प्रदेश पुलिस के चार पुलिस कर्मियों ने आठ लोगों की हत्या कर दी है। पुलिस कर्मी वर्दी का रौब दिखाकर या फिर इसकी आढ़ में गलत गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, जोकि चिंता का सबब है।
जानकारी के अनुसार इस साल अब तक चार हत्याकांड को पुलिसकर्मियों ने अंजाम दिया है। सबसे अहम बात यह है कि इस साल के सबसे बड़े हत्याकांड ही पुलिसकर्मियों ने किए हैं। पुलिसकर्मी अपने अधिकारिक हथियारों का गलत इस्तेमाल करके वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। नौ माह में जम्मू में तीन और कठुआ में एक हत्याकांड को पुलिसकर्मियों ने अंजाम दिया है।