जम्मू-कश्मीर के पंपोर में केसर की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि समय पर बारिश और अनुकूल मौसम से इस साल केसर की फसल का उत्पादन बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस साल उन्हें केसर की फसल से ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। कश्मीर का केसर दुनिया में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसकी वजह से भारत केसर उत्पादन में ईरान के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है। कश्मीर घाटी में उगने वाले केसर की महक विदेशों में भी फैल गई है। वहां से भी इसकी मांग आनी शुरू हो गई है। इसकी तुड़ाई का काम अक्तूबर माह से शुरू होता है और नवंबर में देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों में भेजा जाता है। विदेशों से मांग का कारण जीआई टैगिंग भी है। पहले केसर को बिचौलियों के माध्यम से बेचा जाता था। ऐसे में किसानों को केसर की पूरी कीमत नहीं मिल पाती थी। मगर, अब केसर को किसान सीधा मंडियों के माध्यम से बेचते हैं।
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केसर की फसल
- फोटो : ani
ऐसे में तय कीमत भी उनके खातों में आ रही है। मौजूदा समय में होलैंड, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, कैनेडा और अफगानिस्तान समेत अन्य देशों से डिमांड आ रही है। इस बार पचास फीसदी केसर विदेशों में भेजा जाएगा।
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केसर की फसल
- फोटो : ani
घाटी में 226 गांवों के लोग इस व्यवसाय से लगे हैं।
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केसर
पहले फसल पर ध्यान न देने के कारण पैदावार में गिरावट आ रही थी।