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किश्तवाड़ जल प्रलय: मौत के मुंह से निकले इमरान की आपबीती- हमारे बुजुर्गों ने भी कभी नहीं देखी ऐसी तबाही

Fri, 30 Jul 2021 12:50 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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किश्तवाड़ जल प्रलय - फोटो : अमर उजाला
मैं 26 साल का हूं, लेकिन आज तक मैंने कभी अपने बुजुर्गों से ऐसी त्रासदी के बारे में न ही सुना और ना ही कभी देखा। हमारे होंजड़ गांव में कई मकान 35 से 40 वर्ष पुराने हैं, लेकिन खराब मौसम ने कभी ऐसी तबाही नहीं मचाई। दच्छन के होंजड़ में बादल फटने के साथ भारी मलबा और पत्थर लेकर आई बाढ़ में शायद ही कोई बचा होगा, क्योंकि हमारे गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर ही दरिया बह रहा है जो चिनाब में जाकर मिलता है। ऐसी आशंका है कि मलबे के साथ आई बाढ़ में सभी लोग दरिया में गिर गए होंगे। जिससे उनके बचने की उम्मीद काफी कम है। किश्तवाड़ में होंजड़ त्रासदी से मौत के मुंह से निकले होंजड़ निवासी इमरान ने यह आपबीती सुनाई।

जीएमसी के डिजास्टर वार्ड में भर्ती इमरान को बीती रात के उस त्रासदी के मंजर के याद आते ही अपनों के खोने का गम हो रहा है। इमरान ने बताया कि होंजड़ में एक 50-60 फीट का नाला बह रहा है, जिसके दोनों तरफ घर बसे हैं।
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Cloudburst kishtwar - फोटो : अमर उजाला
इमरान ने कहा कि  होंजड़ में करीब 38 घर हैं, जिनमें 280 से ज्यादा लोग रहते हैं। जिस दिन बादल फटे उस दिन 150 लोग मौजूद थे, क्योंकि विभिन्न कार्यों से लोग किश्तवाड़ या अन्य दूसरे क्षेत्रों में गए हुए हैं। होंजड़ में किराना की दुकान चलाकर अपना गुजारा करने वाले इमरान ने बताया कि वह जम्मू विश्वविद्यालय से पीजी हैं। हमने अपनी उम्र में आज तक दच्छन में भी इतने बड़े स्तर पर बादल फटने की घटना के बारे में नहीं सुना है। 
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Cloudburst kishtwar - फोटो : अमर उजाला
हर साल बरसात के दौरान होंजड़ के नाले में पानी आता है, लेकिन इतनी तबाही नहीं मचाता था। बीती रात नाले में अचानक पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के घरों और अन्य ढांचों को तोड़ता हुआ आगे बढ़ता चला गया। रात होने के कारण किसी को बचने का मौका नहीं मिला।

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Cloudburst kishtwar - फोटो : अमर उजाला
उसने कहा कि आशंका है कि तेज बहाव के साथ आया मलबा अपने साथ हर चीज को दरिया में बहा ले गया। कई लोगों के दरिया में गिरने की आशंका है। घटना के समय इमरान अपनी मां बेगा बेगम, मौसी शरीफ और उसके बेटे शाकिर हुसैन को लेकर अपनी नानी के घर से होंजड़ के निचले इलाके की ओर लौट रहा था, तभी अचानक बादल फटने से आई बाढ़ में चारों बह गए।
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Cloudburst kishtwar - फोटो : अमर उजाला
 रात 11 बजे इमरान को होश आया और खुद को कीचड़ में पाया। इमरान को चोटें आई हैं। इमरान की मां, मौसी और उसका बेटा अभी लापता है।
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