भारत जोड़ो यात्रा गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पहले कठुआ जिले में प्रवेश कर गई। शाम सवा छह बजे के लगभग भारत जोड़ो यात्रा के लखनपुर पहुंचने के साथ ही पूरा क्षेत्र भारत माता के जयघोष से गूंज उठा।
कन्याकुमारी से चलकर कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पहले कठुआ जिले में प्रवेश कर गई। शाम सवा छह बजे के लगभग भारत जोड़ो यात्रा के लखनपुर पहुंचने के साथ ही पूरा क्षेत्र भारत माता के जयघोष से गूंज उठा। तीन हजार मशाल के साथ दाखिल हुई यात्रा का नेतृत्व राहुल गांधी ने हाथ में मशाल पकड़कर किया। अंधेरे में भी मशाल की रोशनी और भारत जोड़ो यात्रा से रावी पुल चकाचौंध दिखाई दिया।
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Bharat Jodo Yatra
- फोटो : संवाद
लखनपुर में यात्रा के पहुंचने के साथ ही राहुल गांधी ने सबसे पहले महाराजा गुलाब सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद मंच पर मौजूद प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल सहित पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला और पूर्व मंत्री डॉ. रमन भल्ला ने भी संबोधित किया। पंजाब के राज्य अध्यक्ष राजा बडिंग ने भारत जोड़ो यात्रा के जम्मू कश्मीर पहुंचने पर तिरंगा प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल को सौंपा। विकार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में डोगरा, पहाड़ी कश्मीरी हर तपके के लोग आपका इंतजार कर रहे हैं।
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Rahul Gandhi
- फोटो : संवाद
लखनपुर में भारत जोड़ो यात्रा की जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं जानता हूं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने कितना दुख सहा है। समझता हूं, सब को चोट लगी है। दुख सहा है, देखा है। मैं सिर झुकाकर, आपकी जमीन पर आया हूं। उन्होंने कहा कि हिंदोस्तान के सामने नफरत, हिंसा, बेरोजगारी और महंगाई बड़े मुद्दे हैं। कहा कि दो हिंदोस्तान बनाए जा रहे हैं। एक अरबपतियों और दूसरा छोटे व्यापारियों, किसानों, मजदूरों का हिंदोस्तान है। यहां ध्यान भटका कर भाजपा और आरएसएस लोगों की जेबें काटने में लगी है। अरबपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
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लखनपुर में यात्रा के स्वागत में उपस्तिथ लोग
- फोटो : संवाद
लाल सिंह को मंच पर नहीं मिला स्थान
उधर, पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह को भारत जोड़ो यात्रा के समर्थन के बाद भी मंच पर बैठने के लिए अनुमति नहीं मिली। समारोह के दौरान समर्थक लगातार चौधरी लाल सिंह के समर्थन में नारेबाजी कर मंच का ध्यान उनकी ओर आकर्षित करने का प्रयास करते रहे। यहां तक कि राहुल गांधी को अपने संबोधन के बीच लाल सिंह के समर्थकों को रोककर यह बोलना पड़ा कि उनकी नारेबाजी को सुन लिया गया है। ऐसे में धैर्य रखकर बात को सुनें।
मंच पर बैठने वालों में नेकां संरक्षक डॉ. फारूक अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, पूर्व मंत्री रमन भल्ला, जीए मीर शामिल रहे।