जम्मू संभाग में आरएस पुरा के गांव गेगियां के मोहम्मद इरफान का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था। इसके लिए दिन-रात एक कर दिया। जब सेना में जाने का वक्त आया तो कोरोना महामारी ने सपनों पर ब्रेक लगा दी। जैसे ही इरफान 18 साल का हुआ तो सोचा कि अब वह सेना की भर्ती में हिस्सा लेगा। इसके लिए तैयारी शुरू की, लेकिन पिछले साल लॉकडाउन लग गया और सेना की ओर से तमाम भर्तियों को रद्द कर दिया गया। अब इरफान की आयु 20 साल छह महीने हो गई है। अभी जैसे हालात हैं, इससे नहीं लगता कि अगले छह महीने तक कोई भर्ती होगी। इरफान की तरह ही हजारों युवा हैं, जिनकी 2020-21 में सैन्य भर्ती के लिए आयु सीमा समाप्त हो गई है।
पिछले डेढ़ साल में सेना की सिर्फ सांबा में एक ही भर्ती हुई थी। इसमें 40 हजार उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, लेकिन 2 हजार ही चुने गए। इसके अलावा कोई अन्य भर्ती नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि सेना में भर्ती होने की आयु 18 से 21 वर्ष तक होती है। युवाओं के पास तीन साल होते हैं, जिसमें वो कड़ा परिश्रम करके भर्ती में हिस्सा लेते हैं, लेकिन दो साल से सेना की भर्ती कोरोना की वजह से स्थगित हो रही है। इससे हजारों युवा भर्ती में हिस्सा लेने से वंचित रह गए हैं।