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जम्मू: सेना में भर्ती होने के सपनों पर कोरोना ने लगाई ब्रेक, मांग- इस वजह से दो साल की विशेष छूट मिले

Tue, 15 Jun 2021 09:54 AM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू
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भर्ती रैली - फोटो : अमर उजाला
जम्मू संभाग में आरएस पुरा के गांव गेगियां के मोहम्मद इरफान का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था। इसके लिए दिन-रात एक कर दिया। जब सेना में जाने का वक्त आया तो कोरोना महामारी ने सपनों पर ब्रेक लगा दी। जैसे ही इरफान 18 साल का हुआ तो सोचा कि अब वह सेना की भर्ती में हिस्सा लेगा। इसके लिए तैयारी शुरू की, लेकिन पिछले साल लॉकडाउन लग गया और सेना की ओर से तमाम भर्तियों को रद्द कर दिया गया। अब इरफान की आयु 20 साल छह महीने हो गई है। अभी जैसे हालात हैं, इससे नहीं लगता कि अगले छह महीने तक कोई भर्ती होगी। इरफान की तरह ही हजारों युवा हैं, जिनकी 2020-21 में सैन्य भर्ती के लिए आयु सीमा समाप्त हो गई है।
  
पिछले डेढ़ साल में सेना की सिर्फ सांबा में एक ही भर्ती हुई थी। इसमें 40 हजार उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया, लेकिन 2 हजार ही चुने गए। इसके अलावा कोई अन्य भर्ती नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि सेना में भर्ती होने की आयु 18 से 21 वर्ष तक होती है। युवाओं के पास तीन साल होते हैं, जिसमें वो कड़ा परिश्रम करके भर्ती में हिस्सा लेते हैं, लेकिन दो साल से सेना की भर्ती कोरोना की वजह से स्थगित हो रही है। इससे हजारों युवा भर्ती में हिस्सा लेने से वंचित रह गए हैं। 
 
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सेना भर्ती रैली - फोटो : भारतीय सेना
आयु में मिले रियायत, कोरोना का समय न शामिल हो
मनिंदर सिंह की आयु भी 21 वर्ष होने जा रही है। मनिंदर सिंह 15 साल की आयु से ही भर्ती में हिस्सा लेने के लिए कड़ा परिश्रम कर रहा था, लेकिन जैसे ही वह भर्ती में हिस्सा लेने के योग्य हुआ तो कोरोना महामारी ने पांव पसार दिए। वह चाहता है कि जितनी देर तक कोरोना की वजह से सेना की भर्तियां नहीं हुईं, उतना समय आयु में रियायत के तौर पर दिया जाए। 
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सेना भर्ती रैली - फोटो : भारतीय सेना
सेना की बजाय अब पुलिस के लिए तैयारी करूंगा
मीरां साहिब के लंगोटिया गांव के रहने वाले जतिन सावन का कहना है कि कई सालों से तैयारी कर रहा था। भर्ती में हिस्सा लेने के लिए तीन साल का समय होता है। अब दो साल तो कोरोना निगल गया है। सोच रहा हूं अब पुलिस या फिर अर्धसैनिक बलों में हिस्सा लेने की तैैयारी करूं। 

 

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सेना भर्ती रैली - फोटो : अमर उजाला
वर्दी पहनने का सपना ही रह गया
आरएस पुरा के रोहित कुमार का भी सैनिक बनने का सपना कोरोना महामारी ने छीन लिया है। दो साल का वक्त तो कोरोना की वजह से बर्बाद हो गया। समझ नहीं आ रहा कि क्या किया जाए। 
 
 
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सेना भर्ती रैली - फोटो : अमर उजाला
भर्ती में दो साल की विशेष छूट दे सेना
गांव नौगरां के रहने वाले जतिंदर सिंह युवाओं को सेना में जाने का परीक्षण देते हैं। उनसे प्रशिक्षण लेकर दो हजार युवा अब तक सेना में शामिल हो चुके हैं। जतिंदर सिंह खुद सेना में भर्ती नहीं हो सके, लेकिन हजारों युवाओं को भर्ती करा दिया। जतिंदर का कहना है कि हजारों युवा ऐसे हैं, जिनकी आयु समाप्त हो गई है। लिहाजा सेना को चाहिए कि भर्ती के लिए इन्हें विशेष छूट दी जाए।
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