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Target Killing: दहशत की कहानी मजदूरों की जुबानी, 'दो आतंकी झुग्गी में घुसे, दो फायर किए और सब खत्म' बोले- अब डर लग रहा है

Fri, 03 Jun 2022 06:13 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर/बडगाम

सार

आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को अपना निशाना बनाया। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का अस्पताल में जारी है। घटना के बाद यहां मायूसी और डर का माहौल है। 
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Budgam Target Killing - फोटो : बासित जरगर
'बहुत डर है यहां, रात को अपनी झुग्गी में बैठे थे। आपस में बातें करते हंस रहे थे। दो लोग (आतंकी) आए। दो फायर निकाले और भाग गए। जब हमने देखा तो दो साथी खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। हमारे एक साथी की मौत हो गई है और एक जख्मी है। अब हम नहीं रुकेंगे। हम वापस चले जाएंगे। ' यह बातें बडगाम के खांडा माग्रेपोरा इलाके में स्थित ईंट भट्ठे पर काम करने वाले एक कामगार मंजीत ने बताईं।

गुरुवार देर रात यहां आतंकियों ने दो गैर-कश्मीरी मजदूरों को अपना निशाना बनाया। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का इलाज अस्पताल में जारी है। घटना के बाद भट्टे पर मायूसी और डर का माहौल है। भट्टे पर दूसरे दिन सभी कामगारों के चेहरों पर घोर खामोशी दिखी। होगी भी क्यों नहीं उनके साथ काम करने वाले एक मजदूर की हत्या कर दी गई है और एक अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहा है।

झुग्गी में एक चारपाई , बिस्तर, कुछ कपड़े और एक जोड़ी चप्पल के सिवा कोई सामान नजर नहीं आया। कच्ची दीवारों पर तिरपाल लगा कर किसी तरह पानी और धूप से बचाव की कोशिश की गई है। इन हालातों में रह कर अपने परिवार का पेट पालने वालों को भी आतंकी नहीं बख्श रहे हैं। मजदूरों ने बताया कि आतंकी सीधा झुग्गी में दाखिल हुए, फायर किया और निकल गए। जैसे मानों उन्हें सब कुछ पहले से पता है कि कहां कौन है और उसे कैसे खत्म करना है।
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Budgam Target Killing - फोटो : बासित जरगर
बिहार के दिलखुश और पंजाब के गुरदासपुर निवासी गोरिया इस हमले में घायल हुए। खून से लथपथ दोनों को श्रीनगर स्थित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दिलखुश ने दम तोड़ दिया। गोरिया  का इलाज चल रहा है।
 
रोजी-रोटी के लिए आए थे कश्मीर

मंजीत ने आगे बताया कि, ' दोनों (आतंकियों) ने मुंह बांधा था, काले कपड़ों में थे। हमे लगा था कि कोई हमारे आदमी हैं। काम बताने के लिए आए हैं। हमारा खाना बन रहा था। अभी इस हफ्ते हम काम के लिए यहां आए हैं। हमने किसी से ज्यादा बात नहीं की थी। अपने काम से काम रखते थे। लेकिन, अब बहुत डर लग रहा है। हम वापस जाना चाहते हैं अपने घर।'
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Budgam Target Killing - फोटो : बासित जरगर
भट्टे पर काम करने वाले एक अन्य मजदूर ने बताया कि, ' रात को लोग खाना बना रहे थे। कुछ बातें कर रहे थे। रास्ता भी चल रहा था। तभी जोर की आवाज सुनी। दौड़े-दौड़े आए तो देखा दो जन गिरे पड़े हैं।'

आगे कहा, ' ऐसी घटना पहली बार देखी है। परदेसी आदमी हैं। कमाने के लिए आए हैं। खुद की जमीन वगैरह कुछ नहीं है। बस मजदूरी करके गुजर बसर करते हैं। पता नहीं आगे क्या होगा।'

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Budgam Target Killing - फोटो : बासित जरगर
अन्य कामगारों ने बताया कि वह यहां रोजगार के लिए आए हैं। कुछ पंजाब के रहने वाले हैं तो कुछ बिहार और यूपी से यहां रोजी-रोटी के जुगाड़ में चले आए हैं। लेकिन, अब आतंकी हमले के बाद सब में एक डर बैठ गया है। हालांकि, पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है।
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Budgam Target Killing - फोटो : बासित जरगर
वहीं, घटना के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी भी हासिल की।
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Budgam Target Killing - फोटो : बासित जरगर
इससे पहले गुरुवार सुबह ही आतंकियों ने कुलगाम में ही एक बैंक कर्मी को गोली मारी थी, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बैंक कर्मी विजय कुमार राजस्थान का रहने वाले थे। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के गांव भगवान निवासी विजय कुमार बेनीवाल (26) ने एक सप्ताह पहले इलाकाई देहाती बैंक की अरेह मोहनपोरा कुलगाम शाखा में सेवाएं देनी शुरू की थी। इससे पहले वह कोकरनाग में तैनात थे।

वहीं, मंगलवार को आतंकियों ने कुलगाम में ही हिंदू महिला शिक्षक रजनी बाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रजनी बाला जम्मू संभाग के जिला सांबा की रहने वाली थी और करीब पंद्रह वर्षों से कश्मीर में कार्यरत थीं। 
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