कोरोना मामले कम होते ही प्रसिद्ध मचैल यात्रा की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन यात्रा की तैयारियों में जुट गया है। इसी कड़ी में शनिवार को हेलिकॉप्टर सेवा के लिए टेंडर करवाए गए। डीसी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि कोरोना की चेन टूटने पर ही मचेल यात्रा होगी। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि मचैल यात्रा चले। इसके लिए छह अधिकारियों की टीम गठित की थी, जिन्होंने मचैल के लिए हेलिकॉप्टर सेवा के लिए टेंडर करवाए हैं। इसमें छह कंपनियों ने आवेदन किया था। बताया कि मात्र तीन कंपनियों ही क्वालीफाई कर पाई हैं। इनमें से एक कंपनी ने पिछले वर्ष के तय किराए से 200 रुपये कम रखा है। उन्होंने यह तक कह दिया कि लगभग 2558 रुपये एक तरफा किराया तय होगा। अब इस पर मुहर लगनी बाकी है। अभी किसी को भी मचैल जाने के लिए इजाजत नहीं है। किसी के संक्रमित आने पर स्थिति बिगड़ सकती है।
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मचैल यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
इस लिए दो दिन से सभी मचैल जाने वाले यात्रियों को ठाठरी और द्राबशाला से वापस भिजवा दिया है। यात्रा से पहले जिले को कोरोना मुक्त करने का प्रयास जारी है।
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मचैल यात्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
जिले में 201 मामले सक्रिय
डीसी ने प्रेसवार्ता में बताया कि मार्च से अबतक 1475 मामले आए हैं, जिनमें से 1260 लोग ठीक हो चुके हैं। 13 जिला अस्पताल और 17 अन्य कोविड केंद्रों में उपचाराधीन हैं।
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मचैल यात्रा
- फोटो : सोशल मीडिया
वहीं, 17 लोगों की महामारी से मौत हुई है। 12 माइक्रो कंटेंनमेंट जोन को डिनोटीफाई कर अर्ध मुक्त किया है।
16 माइक्रो कंटेंनमेंट जोन हैं। मौजूदा समय में जिले में 201 मामले सक्रिय हैं। प्रतिदिन एक हजार लोगों के टेस्ट हो रहे हैं। जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं हैं।