पहलगाम में शनिवार को बम-बम भोले के जयघोषों की गूंज रही। यहां आषाढ़ पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) पर भूमि पूजन, नवग्रह पूजन, छड़ी पूजन और ध्वजारोहण के साथ स्वामी अमरनाथ छड़ी मुबारक यात्रा का पारंपरिक रूप से शुभारंभ किया गया। छड़ी मुबारक के महंत दीेपेंद्र गिरी ने सीमित साधुओं के साथ वैदिक मंत्रों के साथ छड़ी पूजन किया। इसके साथ कोविड महामारी में मारे गए व्यक्तियों के परिवारवालों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ इस महमारी के जल्द खात्मे के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान हवन किया गया। ऐतिहासिक मार्तंड मंदिर, मट्टन (अनंतनाग) में भी छड़ी मुबारक ने प्रार्थना की। छड़ी मुबारक अगस्त के दूसरे सप्ताह में श्रीनगर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में जाएगी। इस साल लगातार दूसरी बार कोविड महामारी के कारण अमरनाथ यात्रा को रद्द किया गया है। लेकिन यात्रा से जुड़े सभी परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। महंत दीपेंद्र गिरी के नेतृत्व में शनिवार सुबह श्रीनगर के दशनामी अखाड़ा से छड़ी मुबारक पहलगाम के लिए रवाना हुई।