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इन रेजिमेंट्स के युद्धघोष सुन कर जंग में शेर की तरह टूट पड़ते हैं जवान, फड़कने लगेंगी आपकी भी भुजाएं

Fri, 03 Jul 2020 06:39 PM IST
Harendra Chaudhary न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय सेना - फोटो : For Refernce Only
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अचानक लेह की निमू फॉरवर्ड पोस्ट पर पहुंचे और जवानों की हौंसला अफजाई की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान आईटीबीपी, भारतीय सेना और वायुसेना के जवानों को संबोधित करते हुए लद्दाख की धरती की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे यहां कहा जाता है, वीर भोग्य वसुंधरा, यानी वीर अपने शस्त्र की ताकत से ही मातृभूमि की रक्षा करते हैं. ये धरती वीर भोग्या है। लेकिन असल में यह राजपूताना राइफल्स का आदर्श वाक्य है। आइए जानते हैं सेना की खास रेजिमेंट्स और इनके वॉर क्राई और आदर्श वाक्यों के बारे में...
 
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rajputana rifles - फोटो : File Photo

राजपूताना राइफल्स

  • आदर्श वाक्य: “वीर भोग्य वसुन्धरा”
  • अर्थ- जो वीर है, वही पृथ्वी पर राज करेगा
  • युद्धघोष: “राजा रामचन्द्र की जय” 
  • मुख्यालय: दिल्ली कैंट
इस रेजिमेंट की स्थापना 1775 में हुई थी। इसमें 19 बटालियन आती हैं। वहीं ये भारतीय सेना की सबसे पुरानी राइफल रेजिमेंट है। 245 साल पुरानी इस रेजिमेंट ने 1999 के करगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। 1948 में भारत-पाक युद्ध में राज रिफ 6 बटालियन के कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह शेखावत को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र भी मिल चुका है। बड़ी-बड़ी मूछें इस रेजिमेंट की पहचान हैं।
 
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rajput regiment - फोटो : File Photo

राजपूत रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: सर्वत्र विजय
  • युद्धघोष: बोल बजरंग बली की जय
  • मुख्यालय: फतेहगढ़, उत्तर प्रदेश
1778 में बनी ये रेजिमेंट राजपूताना राइफल्स से बिल्कुल अलग है। इसके तहत 20 रेजिमेंट आती हैं। राजपूत रेजिमेंट ने ही 1965 में पाकिस्तान को पटकनी दी थी। सन 1971 की लड़ाई में तो पाकिस्तानी इस रेजिमेंट के सामने आने से कतराते थे। करगिल के समय राजपूत रेजिमेंट ने तोलोलिंग प्वाइंट पर कब्ज़ा किया था।  
 

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punjab regiment - फोटो : File Photo

पंजाब रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: स्थल वा जल
  • युद्धघोष: जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” एवं “बोल ज्वाला मां की जय
  • मुख्यालय: रामगढ़ कैंट, झारखण्ड
हाल ही में जब गलवां घाटी में भारत-चीन के बीच हिंसक झड़प हुई थी, तो वहां 16 बिहार रेजिमेंट के अलावा पंजाब रेजिमेंट के भी जवान थे। इस झड़प में तीन जवानों की शहीद हुए थे। भारतीय फौज में पंजाब रेजिमेंट भारत के सबसे पुरानी रेजिमेंट में से है। इसमें 19 बटालियन आती हैं। इसकी स्थापना 1761 में हुई थी। भारत पाकिस्तान बंटवारे के समय पंजाब रेजिमेंट का भी बंटवारा हुआ, इसका पहला हिस्सा पाकिस्तान को मिला, तो दूसरी बटालियन भारत को मिली।   
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madras regiment - फोटो : File Photo

मद्रास रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: “स्वधर्मे निधानम श्रेयः”
  • अर्थ- सेवा करते समय मरना गर्व की बात है
  • युद्धघोष: “वीर मद्रासी, अडि कोल्लू, अडि कोल्लू”
  • मुख्यालय: वेलिंग्टन (ऊटी), तमिलनाडु
कवच के ऊपर हाथी के साथ दो क्रॉस्ड तलवारें ये इसकी पहचान है। मद्रास रेजीमेंट का गठन 1750 में हुआ था। यह सेना की एक पैदल सेना रेजिमेंट है और सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंट्स में से एक है। इसमें 21 बटालियन हैं। इस रेजिमेंट में दक्षिण भारतीय राज्यों से लोग शामिल होते हैं। अंग्रेजों के वक्त इसका शुरुआती नाम मद्रास यूरोपियन रेजिमेंट था।
 
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maratha light infantry - फोटो : File Photo

मराठा लाइट इंफेंट्री

  • आदर्श वाक्य: “ड्यूटी, ऑनर, करेज”
  • युद्धघोष: “बोल छत्रपति शिवाजी महाराज की जय, तेमलाइ माता की जय”
  • मुख्यालय: बेलगाम, कर्नाटक
1768 में बनी ये रेजिमेंट देश की सबसे पुरानी रेजिमेंट्स में शामिल है। इस रेजिमेंट के नाम बहुत से मेडल और पदक हैं। 250 साल पुरानी ये रेजिमेंट में 42 बटालियन आती हैं। 1841 में अफगान युद्ध के दौरान ‘लाइट इन्फैंट्री’ का खिताब हासिल करने वाली सेना की पहली इंफैंट्री रेजिमेंट भी थी। यह 56 बैटल ऑनर्स और 10 थिएटर ऑनर्स प्राप्त कर चुकी है। देश के 22वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल जोगिंदर जसवंत सिंह इसी रेजिमेंट से थे।
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जाट रेजीमेंट - फोटो : file Photo

जाट रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: “संगठन व वीरता”
  • युद्धघोष: “जाट बलवान जय भगवान”
  • मुख्यालय: बरेली, उत्तरप्रदेश
यह देश की सबसे ज्यादा पदक हासिल करने वाली रेजिमेंट है। यह रेजिमेंट 1795 को अस्तित्व में आई। इसके तहत 21 बटालियन आती हैं। जाट रेजिमेंट को दो विक्टोरिया क्रॉस, दो अशोक चक्र, आठ महावीर चक्र, आठ कीर्ति चक्र, 32 शौर्य चक्र, 39 वीर चक्र और 170 सेना पदकों से सम्मानित किया जा चुका है।
 

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kumaon regiment - फोटो : File Photo

कुमाऊं रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: “पराक्रमो विजयते”
  • अर्थ- पराक्रमी ही जीतेगा
  • युद्धघोष: “कालिका माता की जय, बजरंग बाली की जय, दादा किशन की जय एवं जय जय दुर्गे”
  • मुख्यालय: रानीखेत, उत्तराखंड
1813 में बनी इस रेजिमेंट को 2 परमवीर चक्र, 4 अशोक चक्र, 10 महावीर चक्र, 6 कीर्ति चक्र मिल चुके हैं। इसमें 19 बटालियन आती हैं। 10वें थलसेना अध्यक्ष जनरल तापेश्वर नारायण रैना इसी रेजिमेंट से थे। इस रेजिमेंट को पहाड़ों पर चढ़ने में महारत हासिल है।

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gorkha regiment - फोटो : File Photo

गोरखा रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: “कायर हुनु भन्दा मर्नु राम्रो”, “शौर्य एवं निष्ठा” तथा “यत्राहम् विजयस्तत्रः”
  • अर्थ- डरपोक की तरह जीने से अच्छा है इज़्ज़त से मर जाओ
  • युद्धघोष: “जय महाकाली, आयो गोरखाली”
11 बटालियन वाली इस रेजिमेंट ने देश को दो जनरल जन. दलबीर सिंह और मौजूदा सीडीएस जन बिपिन रावत दिए हैं। 1815 में बनी इस रेजिमेंट में नेपाल के लोगों को शामिल किया जाता है। ब्रिटिश सेना में आज भी गुरखा रेजिमेंट है।
 

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Sikh Regiment - फोटो : File Photo

सिख रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: “निश्चय कर अपनी जीत करूँ”
  • युद्धघोष: “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल”  
  • मुख्यालय: रामगढ़ कैंट, झारखण्ड
1846 में बनी यह रेजिमेंट अपने शोर्य के लिए प्रसिद्ध है। इसमें 19 बटालियन आती हैं। अंग्रेजों के वक्त से ही यह रेजिमेंट अपना पराक्रम दिखाती आई है। करगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल पर इसी रेजिमेंट ने कब्जा किया था।
 

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garhwal rifles - फोटो : File Photo

गढ़वाल राइफल्स

  • आदर्श वाक्य: “युद्ध कीर्ति निश्चय”
  • अर्थ- यश के साथ युद्ध
  • युद्धघोष: “बद्री विशाल की जय”
  • मुख्यालय: लैंसडौन, उत्तराखण्ड
1941 में बनी इस रेजिमेंट को सबसे ज्यादा बहादुरी के पुरस्कार मिल चुके हैं। गढ़वाल राइफल्स की स्थापना का श्रेय सूबेदार बलभद्र सिंह नेगी को जाता है। उन्हें ‘ऑर्डर ऑफ मैरिट’ से भी सम्मानित किया गया था। इसमें 22 बटालियन शामिल हैं। आज भी भगवान बद्रीनाथ की पालकी की सुरक्षा गढञवाल राइफल्स ही करती है। वहीं कपाट खोलते वक्त गढ़वाल राइफल्स बैंड बजाता है।
 

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dogra regiment - फोटो : File Photo

डोगरा रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: “कर्तव्यं अन्वात्मा”
  • अर्थ- सेवा करते समय मरना गर्व की बात है
  • युद्धघोष: “ज्वाला माता की जय”
  • मुख्यालय: फैजाबाद, उत्तर प्रदेश
1877 को बनी डोगरा रेजिमेंट पहले ब्रिटिश सेना का हिस्सा थी। इसे देश ककी सबसे खतरनाक रेजिमेंट्स में गिना जाता है। इसमें 19 बटालियन शामिल हैं। 21वें सेना प्रमुख जनरल निर्मल चंदर विज इसी रेजिमेंट से थे।
 

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jammu & kashmir rifles - फोटो : File Photo

जम्मू कश्मीर राइफल्स

  • आदर्श वाक्य: प्रशत रणवीरता
  • अर्थ- युद्ध में वीरता सराहनीय है
  • युद्धघोष: दुर्गा माता की जय
  • मुख्यालय: जबलपुर, मध्य प्रदेश
1821 में बनी जेकेरिफ अपने शौर्य के लिए जानी जाती है। इसे जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतारने का श्रेय जाता है। 1962 के भारत चीन युद्ध में इस रेजिमेंट ने अहम भूमिका निभाई थी।
 
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bihar regiment - फोटो : File Photo

बिहार रेजिमेंट

  • आदर्श वाक्य: “करम ही धरम”
  • अर्थ- सेवा ही कर्म, देश ही धर्म
  • युद्धघोष: “जय बजरंगबली”
  • मुख्यालय: दानापुर, बिहार
1941 में स्थापित हुई इस रेजिमेंट ने हाल ही में गलवां घाटी में अपनी वीरता का परिचय दिया था और दुश्मन चीन को धूल चटा दी थी। हालांकि इस हिंसक मुठभेड़ में 16 बिहार के सीओ कर्नल संतोष बाबू समेत 17 लोग शहीद हो गए थे।
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