UP Madhyamik Shiksha Parishad Class 10th 12th Result 2022 Live: यूपी बोर्ड दसवीं का परिणाम जारी कर दिया गया है। इसमें कानपुर नगर से प्रिंस पटेल ने टॉप किया है। प्रिंस मूलत: फतेहपुर जिले के बिंदकी के रहने वाले हैं। प्रिंस ने परीक्षा में 97.67 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
यूपी बोर्ड दसवीं का परिणाम जारी कर दिया गया है। इसमें कानपुर नगर से प्रिंस पटेल ने टॉप किया है। प्रिंस मूलत: फतेहपुर जिले के बिंदकी के रहने वाले हैं। प्रिंस ने परीक्षा में 97.67 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रिंस का अमर उजाला डॉट कॉम ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया। इसमें प्रिंस ने परीक्षा से जुड़ी तैयारी से लेकर अपने परिवार और अपने भविष्य के सपनों के बारे में भी बताया। पढ़िए ये विशेष इंटरव्यू....
विज्ञापन
2 of 7
प्रिंस पटेल और उनके पिता
- फोटो : अमर उजाला
परिवार क्या करता है?
मैं मूल रूप से फतेहपुर बिंदकी के इब्राहिमपुर नवाबाद का रहने वाला हूं। मेरे पिता अजय कुमार किसान हैं। मां शिवकांति देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई अभी पहली कक्षा में पढ़ता है।
विज्ञापन
3 of 7
बोर्ड परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
कैसे की बोर्ड परीक्षा की तैयारी?
मैं किताबों को पढ़कर खुद से नोट्स तैयार करता हूं। मेरे टीचर्स ने भी मुझे काफी सपोर्ट किया। मुझे पढ़ाई के लिए एक अच्छा माहौल चाहिए था। इसके लिए मैंने कानपुर के अनुभव इंटर कॉलेज में दाखिला लिया। यहां हॉस्टल में मुझे पढ़ाई का अच्छा माहौल मिला।
4 of 7
प्रिंस ज्यादा सोशल मीडिया यूज नहीं करते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
स्मार्टफोन और सोशल मीडिया कैसे यूज करते हैं?
मेरे पास खुद का मोबाइल नहीं है। हॉस्टल में मोबाइल यूज करने पर भी रोक है। इसलिए मैं जब भी छुट्टी पर घर आता था, तभी मोबाइल फोन का यूज करता था। लेकिन उतना ही करता हूं, जितना जरूरी है। सोशल मीडिया पर ज्यादा टाइम खराब नहीं करता हूं।
विज्ञापन
5 of 7
प्रिंस सेना में जाना चाहते हैं।
- फोटो : अमर उजाला
आगे क्या करना चाहते हैं?
मैं 12वीं के साथ एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी एंड नेवल एकेडमी की तैयारी कर रहा हूं। बचपन से ही मेरा सपना सेना में अफसर बनने का रहा है। इसलिए मैं अभी 12वीं के साथ-साथ एनडीए की तैयारी भी करूंगा।
विज्ञापन
6 of 7
अग्निपथ योजना
- फोटो : अमर उजाला
सरकार की नई सेना भर्ती अग्निपथ योजना को कैसा मानते हैं?
सच कहूं तो ये नई योजना काफी हद तक अच्छी है और इसमें कुछ कमियां भी हैं। इसकी अच्छाइयां ये हैं कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इसमें मौका मिल सकेगा। इससे सेना मजबूत होगी। सेना में नए टैलेंटेड युवा शामिल हो सकेंगे। कमियां ये हैं कि चार साल बाद अग्निवीरों के सामने रोजगार का संकट आएगा। इस कमी को दूर करने की जरूरत है। सरकार को इसपर फोकस करना चाहिए।
अग्निपथ योजना के खिलाफ बिहार में बवाल
- फोटो : Social media
अग्निपथ योजना को लेकर बवाल कर रहे युवाओं से क्या कहेंगे?
मैं यही कहना चाहूंगा कि उपद्रव न करें। सरकार से शांतिपूर्वक अपील करें। सरकार युवाओं की बात जरूर सुनेगी।