फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahua Moitra: कौन हैं TMC नेता महुआ मोइत्रा? जिन्होंने रिश्वत लेकर सवाल पूछने के मामले में गंवाई संसद सदस्यता

Fri, 08 Dec 2023 03:37 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

महुआ मोइत्रा लंबे समय से रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में चर्चाओं में थी। आखिरकार शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मामले में उनकी सदस्यता रद्द करने का फैसला सुनाया। आइए जानते हैं कि आखिर रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने को लेकर लोकसभा की सदस्यता गवाने वाली महुआ मोइत्रा कौन हैं-
विज्ञापन
1 of 11
Mahua Moitra - फोटो : अमर उजाला

महुआ मोइत्रा लंबे समय से रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में चर्चाओं में थी। आखिरकार शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मामले में उनकी सदस्यता रद्द करने का फैसला सुनाया। आइए जानते हैं कि आखिर रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने को लेकर लोकसभा की सदस्यता गवाने वाली महुआ मोइत्रा कौन हैं-

विज्ञापन

कौन हैं महुआ मोइत्रा?

2 of 11
Mahua Moitra - फोटो : Social Media

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का जन्म कोलकाता में हुआ था। कोलकाता में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए महुआ अमेरिका चली गईं। पढ़ाई पूरी होने के बाद वह लंदन की प्रतिष्ठित बैंकिंग कंपनी में नौकरी करने लगीं। देखते ही देखते वह कम समय में ही इस कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट भी बन गईं। इसी दौरान महुआ ने अपनी इतनी अच्छी नौकरी को छोड़कर बंगाल की राजनीति से जुड़ने का फैसला किया।

विज्ञापन

नौकरी छोड़कर बंगाल की राजनीति से जुड़ीं महुआ मोइत्रा

3 of 11
Mahua Moitra - फोटो : Social Media

लंदन की बैंकिंग कंपनी की नौकरी छोड़कर महुआ वापस बंगाल लौटीं। उन्होंने साल 2016 विधानसभा चुनाव में करीमपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद साल 2019 में महुआ पहली बार टीएमसी के टिकट पर लोकसभा पहुंचीं। उन्होंने भाजपा के कल्याण चौबे को 63 हजार मतों से हराया था।

निशिकांत दुबे ने लगाए थे आरोप

4 of 11
Mahua Moitra - फोटो : Social Media

टीएमसी सांसद अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहती हैं। हाल ही में, भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसके साथ उन्होंने टीएमसी सांसद और व्यापारी के बीच नकद और उपहारों के आदान प्रदान होने का भी दावा किया। उन्होंने बताया कि संसद में सवाल पूछने के लिए टीएमसी सांसद और व्यवसायी के बीच पैसों और उपहार का आदान प्रदान होता है। निशिकांत दुबे ने लोकसभा ओम बिरला को पत्र लिखकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ जांच समिति गठित करने और उन्हें सदन से 'तत्काल निलंबित' करने की मांग की थी।

विज्ञापन

दुबे ने लगाए थे यह भी आरोप

5 of 11
nishikant dubey mahua moitra - फोटो : ANI

ओम बिरला को पत्र लिखकर निशिकांत दुबे ने कहा था कि जब भी संसद सत्र होता है, महुआ मोइत्रा और वरिष्ठ तृणमूल सांसद सौगत रॉय के नेतृत्व में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) की चिल्लाने वाली ब्रिगेड, किसी न किसी बहाने से हर किसी के साथ लगातार दुर्व्यवहार कर सदन की कार्यवाही को बाधित करने की आदत रखती है। हैरान करने वाली इस रणनीति के तहत महुआ अन्य सदस्यों के बहस करने के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, जबकि अन्य सांसद आम लोगों के मुद्दों और सरकार की नीतियों पर चर्चा करना चाहते हैं।

 

विज्ञापन

मोइत्रा ने फर्जी डिग्री का लगाया आरोप

6 of 11
Mahua Moitra - फोटो : Social Media

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के आरोपों का पलटवार करते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया था। उन्होंने अपने पोस्ट में निशिकांत दुबे पर भर्जी डिग्री रखने का आरोप लगाया है। भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए महुआ ने कहा कि जांच के लिए उनके दरवाजे पर आने से पहले उन्हें अदानी कोयला घोटाला मामले में कार्रवाई का इंतजार है। महुआ ने कहा कि इस मामले में ईडी और अन्य जांच एजेंसियों को एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।

 

विज्ञापन

अब लगाया दर्शन हीरानंदानी ने बड़ा आरोप

7 of 11
महुआ मोइत्रा पर लगे बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप। - फोटो : Social Media

बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने हाल ही में अपने दस्तखत के साथ एक हलफनामा जारी किया है। इस हलफनामे में दर्शन ने कई अहम खुलासे किए। हलफनामे में दर्शन ने लिखा कि पीएम मोदी की बेदाग छवि ने विपक्ष को उन पर हमला करने का कोई मौका नहीं दिया, ऐसे में महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए अदाणी पर निशाना साधने का रास्ता चुना। दर्शन ने दावा किया है कि अदाणी पर निशाना साधने के लिए महुआ मोइत्रा के संसदीय लॉगइन और पासवर्ड का उपयोग किया और ये भी कहा कि महुआ के संसदीय लॉगइन और पासवर्ड उनके भी पास हैं और वह खुद ही महुआ की तरफ से संसद में सवाल डाल देते थे।

टीएमसी सांसद का जवाब

8 of 11
महुआ मोइत्रा - फोटो : Social Media

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दर्शन हीरानंदानी के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इस पोस्ट में महुआ मोइत्रा ने कई बड़े दावे किए हैं और पीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महुआ मोइत्रा ने लिखा कि तीन दिन पहले हीरानंदानी ग्रुप ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, जिसमें उन्होंने सभी आरोपों को आधारहीन बताया था। अब एक हलफनामा मीडिया में लीक हो रहा है, जो किसी लेटरहेड पर नहीं है और ये भी नहीं पता है कि यह कहां से लीक हुआ है। जिसे लेकर कुछ गंभीर सवाल उठ रहे हैं। महुआ मोइत्रा ने प्रेस विज्ञप्ति में पूछा कि सीबीआई और संसद की नैतिक समिति ने या फिर किसी भी जांच एजेंसी ने अभी तक दर्शन हीरानंदानी को समन नहीं भेजा है। ऐसे में उन्होंने ये हलफनामा किसे दिया? हलफनामा एक सफेद पेपर पर है ना कि किसी लेटरहेड पर या फिर नोटरी पर। देश का सबसे इज्जतदार और पढ़ा-लिखा बिजनेसमैन एक सफेद पेपर पर हस्ताक्षर क्यों करेगा अगर उसके सिर पर किसी ना बंदूक ना रखी हो तो? 

रिपोर्ट को 'फिक्स्ड मैच' करार दिया

9 of 11
mahua moitra - फोटो : instagram
नौ नवंबर को एक बैठक में भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने रिश्वत लेकर सवाल पूछने के मामले में मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट अपनाई थी। कांग्रेस सांसद परनीत कौर सहित समिति के छह सदस्यों ने रिपोर्ट के पक्ष में मतदान किया था। जबकि विपक्षी दलों से जुड़े समिति के चार सदस्यों ने असहमति नोट प्रस्तुत किए थे। विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्ट को 'फिक्स्ड मैच' करार दिया है और कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर शिकायत (जिसकी समिति ने समीक्षा की) के समर्थन में कुछ भी सबूत पेश नहीं किया गया।

आचार समिति ने 500 पेज की रिपोर्ट

10 of 11
Mahua Moitra - फोटो : Social Media
लोकसभा की आचार समिति ने 500 पेज की रिपोर्ट बनाई है। इसमें संसद की गरिमा को बचाने व राष्ट्रीय सुरक्षा को महत्व देने के लिए कई अहम सिफारिश की गई हैं। महुआ पर रिश्वत ले कर अदाणी समूह के खिलाफ कारोबारी हीरानंदानी को लाभ पहुंचाने के लिए सवाल पूछने के आरोप हैं। खुद महुआ ने स्वीकार किया था कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के पोर्टल से जुड़ी अपनी आईडी-पासवर्ड साझा किए थे। हीरानंदानी ने महुआ को रिश्वत देने की बात स्वीकारी थी।
विज्ञापन

करीब आधे घंटे की चर्चा के बाद संसद सदस्यता रद्द

11 of 11
Mahua Moitra - फोटो : Social Media

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के रिश्वत लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट सदन में पेश की गई। भाजपा सांसद विजय सोनकर ने रिपोट की सभा के पटल पर रखा। करीब आधे घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा ने आचार समिति की उस रिपोर्ट को मंजूरी दे दी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी। सदन ने महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने संबंधी संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इसका मतलब नकदी के बदले सवाल पूछने के मामले में महुआ की संसद सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द हो गई है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें