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मध्य प्रदेश की इन चार सीटों पर कांग्रेस की निगाहें, लेकिन मायावती न पहुंचा दें नुकसान

Sun, 05 May 2019 03:37 PM IST
Abhishek Singh चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नरेंद्र मोदी-कमलनाथ-मायावती - फोटो : PTI
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। राज्य में कांग्रेस की सरकार है तो केंद्र में भाजपा की सरकार। 2014 में जिन दलित बहुल चार सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी, वहां कांग्रेस पूरा जोर लगा रही है। बसपा ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 
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कमलनाथ - फोटो : PTI
कांग्रेस को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित चार लोकसभा सीट (भिंड, टीकमगढ़, देवास और उज्जैन) पर विधानसभा चुनाव के दौरान अच्छी बढ़त मिली थी। पार्टी यहां के 32 विधानसभा क्षेत्रों में से 17 में जीतने में कामयाब रही थी। लेकिन इन चारों सीटों पर मौजूदा सांसद भाजपा से हैं।
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नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
भाजपा इन चारों लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सिर्फ 13 विधानसभा सीटों पर पिछले साल जीत दर्ज कर पाई थी। लेकिन पार्टी को उम्मीद है कि वह इस चुनाव में वापसी करेगी। वहीं, विधानसभा चुनाव में यहां बाकी बची दो सीटों में से एक पर सपा और एक पर बसपा के उम्मीदवार की जीत हुई थी।

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मायावती एक रैली में - फोटो : अमर उजाला
राज्य में बसपा भले ही कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का समर्थन कर रही हो, लेकिन वह गुना में हुए घटनाक्रम से खुश नहीं है। दरअसल गुना से बसपा ने लोकेंद्र सिंह राजपूत को टिकट दिया था। लेकिन बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए और उन्होंने अपना समर्थन यहां से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया को दे दिया। बसपा प्रमुख मायावती ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा था कि उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। 
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बीजेपी कांग्रेस
विधानसभा में वोटों के लिहाज से देखें तो तीन लोकसभा क्षेत्रों- भिंड, देवास और उज्जैन में कांग्रेस के समर्थन में ज्यादा मत पड़े थे। लेकिन टीकमगढ़ में भाजपा आगे थी। टीकमगढ़ और भिंड में छह मई और 12 मई को मतदान होगा जबकि देवास और उज्जैन में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होगा।
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