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एयर इंडिया: भारत का पहला फ्लाइंग लाइसेंस पाने से लेकर एयरलाइंस शुरू करने तक पांच फोटोज में जेआरडी का सफर

Fri, 08 Oct 2021 07:47 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आजादी के बाद उड्डयन सेवाओं के राष्ट्रीयकरण के बाद इसका नाम बदलकर एयर इंडिया जरूर कर दिया गया, लेकिन जेआरडी का अपनी एयरलाइंस से प्यार कभी कम नहीं हुआ। वे 80 के दशक तक एयर इंडिया से जुड़े रहे और एयर इंडिया की बेहतरी के लिए काम करते रहे।
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जेआरडी टाटा ने टाटा एयरलाइंस से लेकर एयर इंडिया की भी संभाली कमान। - फोटो : Tata Sons
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टाटा संस को 68 साल बाद एक बार फिर एयर इंडिया का मालिकाना हक वापस मिल गया है। कंपनी ने नीलामी में 18 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाकर एयर इंडिया पर मालिकाना हक हासिल कर लिया। इस एयरलाइन की शुरुआत जेआरडी टाटा ने 1932 में टाटा एयरलाइंस के तौर पर की थी। आजादी के बाद उड्डयन सेवाओं के राष्ट्रीयकरण के बाद इसका नाम बदलकर एयर इंडिया जरूर कर दिया गया, लेकिन जेआरडी का अपनी एयरलाइंस से प्यार कभी कम नहीं हुआ। वे 80 के दशक तक एयर इंडिया से जुड़े रहे और एयर इंडिया की बेहतरी के लिए काम करते रहे...
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देश में पहला फ्लाइंग लाइसेंस पाने वाले व्यक्ति थे जेआरडी टाटा

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भारत में फ्लाइंग लाइसेंस पहने वाले व्यक्ति थे जेआरडी टाटा। - फोटो : Tata Sons
टाटा एयरलाइंस का जन्म ही जेआरडी टाटा के उड्डयन क्षेत्र के प्रति प्यार के चलते हुआ था। वे भारत में पहली विमानन कंपनी शुरू करने वाले व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पहले भारतीय थे, जिन्हें फ्लाइंग लाइसेंस मिला था। जेआरडी टाटा 24 साल के थे, जब उन्होंने बॉम्बे में खुले फ्लाइंग क्लब की सदस्यता ली। वे इस क्लब में रजिस्टर करने वाले पहले शख्स नहीं थे, लेकिन 1929 में यहां से फ्लाइंग लाइसेंस लेकर निकलने वाले पहले व्यक्ति जरूर बने।
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भारतीय विमानन क्षेत्र की पहली फ्लाइट उड़ाने का गौरव

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जेआरडी टाटा को देश में पहली बार विमान उड़ाने का गौरव भी मिला था। - फोटो : Tata Sons
15 अक्टूबर 1932। यह वो तारीख थी, जब जेआरडी टाटा ने भारतीय इतिहास की पहली फ्लाइट उड़ाई। उनकी यह उड़ान एक पुस मॉथ विमान में थी, जिसे उन्होंने कराची के ड्रिघ रोड एयरोड्रोम से मुंबई की जुहू एयरस्ट्रिप तक उड़ाया था। जेआरडी टाटा ने बाद में कहा था कि उनकी इस फ्लाइट ने ही एयर इंडिया और फिर एयर इंडिया इंटरनेशनल को आगे बढ़ाया। 

सरकार के हाथ में जाने के बावजूद एयर इंडिया से जुड़े रहे जेआरडी

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एयर इंडिया के क्रू के साथ जेआरडी टाटा। - फोटो : Tata Sons
एयर इंडिया के सरकारी हाथों में जाने के बावजूद जेआरडी टाटा लंबे समय तक इस एयरलाइंस के प्रबंधन का काम देखते रहे। कई बार जेआरडी टाटा को अपनी फ्लाइट्स में सफर करते देखा जाता था। 
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जेआरडी टाटा एयर इंडिया की फ्लाइट में ही क्रू को सलाह देते दिख जाते थे। - फोटो : Tata Sons
वे इन फ्लाइट्स में खुद नोट्स लिखते थे और तय करते थे कि क्या ठीक किया जाना बाकी है, यात्रियों को किस तरह की वाइन दी जा रही है। एयर होस्टेस का बर्ताव कैसा है, उन्होंने कौन सी साड़ी पहनी है, यहां तक कि उनके बालों का स्टाइल कौन सा है।
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पहली उड़ान के 50 साल बाद भी दोहराई कराची से मुंबई तक की उड़ान

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टाटा एयरलाइंस के संस्थापक जेआरडी टाटा। - फोटो : Tata Sons
एयरलाइंस के प्रति अपनी इसी प्रतिबद्धता की वजह से जेआरडी के कार्यकाल में एयर इंडिया की गिनती सबसे बेहतरीन एयरलाइंस सेवाओं में होती थी। जेआरडी टाटा ने 1932 की अपनी यादगार पहली उड़ान को 50 साल पूरे होने के बाद 1982 में फिर दोहराया। इस बार उन्होंने फिर कराची से बॉम्बे के लिए उड़ान भरी थी।
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