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Eight Years Of Modi Government : आम आदमी से जुड़ी आठ योजनाएं, जानें आपकी जिंदगी पर इनका क्या असर पड़ा?

Thu, 26 May 2022 06:47 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मोदी सरकार के आठ साल गुरुवार को पूरे हो रहे हैं। 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में वे दोबारा प्रधानमंत्री बने।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : अमर उजाला
मोदी सरकार के आठ साल गुरुवार को पूरे हो रहे हैं। 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में वे दोबारा प्रधानमंत्री बने। बीते आठ साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई योजनाओं की शुरुआत की। इसका लाभ भी करोड़ों देशवासियों को मिला, लेकिन आज हम आपको उन आठ योजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके जरिए आम आदमी की जिंदगी काफी बदल गई। आइए जानते हैं... 
 
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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना। - फोटो : अमर उजाला
1. गरीब कल्याण अन्न योजना 
कोरोनाकाल में केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत की। इसके तहत लाभार्थी को उसके सामान्य कोटे के अलावा प्रति व्यक्ति पांच किलो मुफ्त राशन दिया जाता है। एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति देश के किसी कोने में इस योजना का लाभ ले सकता है।




योजना का असर: सरकार का दावा है कि इस योजना से करीब 80 करोड़ लोगों को लाभ हुआ है। कोरोनाकाल में शुरू हुई योजना को इस साल मार्च में खत्म होना था। हालांकि, सरकार ने इसे सितंबर 2022 तक बढ़ा दिया है। इस साल मार्च तक 759 लाख टन अनाज का वितरण हो चुका है। अप्रैल से सितंबर तक मुफ्त राशन वितरण के लिए 244 लाख टन अनाज का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अप्रैल 2020 से लेकर इस साल मार्च तक सरकार 2.60 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इस साल सितंबर तक इस योजना पर 3.40 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।  

योजना को लेकर क्या सवाल हैं: राशन की क्वालिटी को लेकर भी विपक्ष हमेशा सरकार पर निशाना साधता है। गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत समय पर गरीबों को राशन न मिलने का आरोप भी लगता है।  

 
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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना - फोटो : अमर उजाला
2. उज्ज्वला योजना 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई 2016 को इस योजना को लॉन्च किया था। योजना की शुरुआत में पांच करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य था। बाद में इसे बढ़ाकर आठ करोड़ कर दिया गया। आठ करोड़ कनेक्शन मार्च 2020 तक दिए जाने थे। इसे सरकार ने सात महीने पहले यानी अगस्त 2019 में ही पूरा कर लिया। 2021-22 में एक करोड़ कनेक्शन और बांटने का लक्ष्य रखा गया। अगस्त 2021 में प्रधानमंत्री ने उज्जवला 2.0 की शुरुआत की। अब तक इस योजना के तहत  9.17 करोड़ एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं।   
 
योजना का असर:
इस योजना के तहत बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन बांटे गए। इससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब महिलाओं को हुआ, जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं। 

योजना को लेकर क्या सवाल हैं: उज्ज्वला गैस योजना के असर पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। कहा जाता है कि पहली बार तो गैस सिलेंडर मुफ्त मिलता है, लेकिन जब दूसरी बार भरवाने की बारी आती है तो इसकी भारी रकम की वजह से गरीब ऐसा नहीं करा पाते। हाल ही में एक आरटीआई में भी ऐसा ही खुलासा हुआ। इसमें बताया गया कि करीब 90 लाख लाभार्थियों ने उज्ज्वला योजना में मिले सिलेंडर को एक बार भी नहीं भरवाया। वहीं, 1.08 करोड़ लाभार्थियों ने पिछले एक साल में केवल एक बार सिलेंडर रिफिल करवाया।  
 

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना - फोटो : अमर उजाला
3. पीएम किसान सम्मान निधि 
छोटे और सीमांत किसान परिवारों (जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन है) को इस योजना का लाभ मिलता है। योजना के तहत सरकार किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये देती है। ये राशि तीन किश्तों में दी जाती है।  

योजना का असर:  सरकार की तरफ से मिलने वाली इस निधि से छोटे किसानों को काफी फायदा मिला है। इसके जरिए किसान आसानी से अपनी फसल तैयार कर पाते हैं। खाद, बीज, पानी और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है। 

योजना को लेकर क्या सवाल हैं:  यूं तो इस योजना पर कोई सवाल नहीं उठता है, लेकिन कई बार विपक्ष इस राशि को बढ़ाने की मांग उठा चुका है। 
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प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना - फोटो : अमर उजाला
4. आयुष्मान भारत
23 सितंबर 2018 को लॉन्च की गई यह स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके तहत गरीब वर्ग के एक परिवार को पांच लाख रुपये तक का बीमा दिया जाता है। इसका मकसद है कि बीपीएल कार्ड धारक गरीबों को मुफ्त इलाज मिल सके। देशभर में ऐसे बीपीएल कार्ड धारक गरीब परिवारों की संख्या करीब 10 करोड़ है, जबकि 50 करोड़ लोग इसका फायदा उठा सकेंगे। 

योजना का असर: आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक देशभर में 1.77 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 6.25 करोड़ से ज्यादा गरीब इसका लाभ ले चुके हैं। खासतौर पर कैंसर और हार्ट संबंधी गंभीर बीमारियों का इससे आसानी से इलाज हो सकता है। 

योजना को लेकर क्या सवाल हैं: इस योजना पर फिलहाल कोई सवाल नहीं उठा है। हालांकि, धोखाधड़ी के कुछ मामले जरूर सामने आए हैं। इन मामलों में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर कार्ड जारी कराकर सुविधाओं का लाभ लिया जा रहा है।

 
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स्वच्छ भारत योजना - फोटो : अमर उजाला
5. स्वच्छ भारत मिशन
इस मिशन के तहत 2014 से लेकर अब तक देशभर में 15 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए गए। दुनिया में अपनी तरह के इस सबसे बड़े अभियान के तहत 50 करोड़ परिवारों को लाभ हुआ और उनके जीवन-स्तर में सुधार आया। 

योजना का असर: स्वच्छ भारत मिशन का ही असर है कि आज देश के करीब एक लाख गांवों में लोग खुले में शौच करना बंद कर चुके हैं। सरकार ने 40 हजार से ज्यादा गांवों को उदीयमान श्रेणी में रखा है। ये वो गांव हैं, जो ओडीएफ होने के साथ-साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काम कर रहे हैं। 11 हजार 217 गांवों को उज्ज्वल श्रेणी में रखा गया है। ये वो गांव हैं, जिन्होंने ओडीएफ के साथ-साथ सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भी काम किया। 20 हजार 828 गांवों को उत्कृष्ट दर्जा दिया गया है। यहां की साफ-सफाई काफी सराहनीय है। 

योजना को लेकर क्या सवाल हैं: विपक्ष का आरोप है कि इस योजना का कोई फायदा नहीं मिला है। आज भी लोग खुले में शौच जाते हैं। सही तरह से शौचालय नहीं बनाए गए हैं। कई जगहों पर भ्रष्टाचार का भी आरोप है।

 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
6. प्रधानमंत्री आवास योजना
यह योजना शहरी तथा ग्रामीण लोगों के लिए है। इसके तहत जिन लोगों के पास कच्चे मकान हैं, जिनके पास छत नहीं हैं, वो पीएम आवास योजना के तहत घर के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत गरीबों को मकान बनवाने के लिए राशि दी जाती है। इसके अलावा कम आय वाले लोगों को होम लोन में भी सब्सिडी दी जाती है। योजना का आगाज 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।  

योजना का असर: इसके तहत अब तक 1.22 करोड़ लोगों को आवास आवंटित हो चुके हैं। योजना में अब तक कुल 8.31 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है। शहरी इलाकों में कम आय वाले नौकरी-पेशा लोग भी इस योजना का लाभ उठाकर होम लोन ले रहे हैं। 

योजना को लेकर क्या सवाल हैं: कई बार अपात्रों को पीएम आवास आवंटित होने की खबरें आती हैं। कुछ राज्यों में सरकारी कर्मचारियों द्वारा योजना में भ्रष्टाचार करने के मामले भी सामने आते रहे हैं। 
 

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हर घर नल योजना - फोटो : अमर उजाला
7. हर घर नल योजना
2019 के बजट में वित्त मंत्री ने इसका एलान किया। योजना का उद्देश्य देश के प्रत्येक घर तक स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाना है। इसके अंतर्गत 2030 तक प्रत्येक घर तक स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसे अब 2024 कर दिया गया है।  

योजना का असर: इस मिशन के तहत अभी तक छह करोड़ घरों में नल के जरिए पानी की सप्लाई शुरू हो चुकी है। बुंदेलखंड और सूखा ग्रस्त इलाकों में योजना का काफी लोगों को लाभ मिला है। योजना के तहत 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से पीने योग्य जल उपलब्ध कराया जा रहा है। 
 
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प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना - फोटो : अमर उजाला
8. प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना
इस योजना का मुख्य फोकस बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों के गरीब लोगों को बिजली उपलब्ध कराना है। सौभाग्य योजना की शुरुआत 25 सितम्बर 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर की गई थी। इस योजना के तहत जिन लोगों का नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें बिजली का कनेक्शन सिर्फ 500 रुपये के शुल्क पर मिलता है। ऐसे लोग यह 500 रुपये भी दस आसान मासिक किस्तों में चुका सकते हैं। 

योजना का असर: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इसके तहत 21 करोड़ 44 लाख से ज्यादा घरों तक बिजली का कनेक्शन पहुंचा। कई ऐसे गांव और घर में भी बिजली पहुंची, जहां आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं थी। अब केवल 18 हजार 734 घर ही ऐसे बचे हैं, जिन्हें इस योजना के जरिए लाभ देना है।
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