इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपनी हंसी कहीं खो देते हैं। काम और जिम्मेदारियों के बोझ तले लोग इस कदर दब जाते हैं कि उन्हें मुस्कुराने तक का होश नहीं रहता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि हंसना हमारे लिए उतना ही जरूरी है जितना भोजन और पानी है। जिस तरह बेहतर स्वास्थ्य के लिए हमारे लिए नियमित रूप से व्यायाम और भोजन करना जरूरी होता है, इसी प्रकार एक स्वस्थ मस्तिष्क के लिए हंसना भी बेहद जरूरी है। हंसने से बड़ी से बड़ी बीमारी से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। इसलिए आज हम आपके लिए जोक्स का पिटारा लेकर आए हैं, तो चलिए खोलते हैं गुदगुदा देने वाला जोक्स का पिटारा...
रमेश- अगर मुझे दूसरा दिमाग लगाने की जरूरत पड़ी तो, मैं तुम्हारा दिमाग लगवाना चाहूंगा।
पप्पू- मतलब तुम मानते हो कि मेरे पास जीनियस का दिमाग है?
रमेश- नहीं, मुझे ऐसा दिमाग चाहिए जो पहले कभी इस्तेमाल न हुआ हो।