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Year Ender 2023: हरियाणा के चर्चित चेहरे, खट्टी-मीठी यादों के साथ लोगों की जुबां पर छाए रहे

Tue, 26 Dec 2023 11:16 AM IST
नवीन दलाल आशीष वर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

सोनीपत के बयानपुर गांव के रहने वाले अंकित बैयानपुरिया प्रधानमंत्री मोदी के साथ स्वच्छता अभियान में झाड़ू लगाने के बाद पूरे देश में एकाएक चर्चा में आ गए। फिटनेस इंफ्लुएंसर अंकित का सोशल मीडिया पर 75 डे हार्ड चैलेंज काफी वायरल हुआ।
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पीएम मोदी के साथ अंकित बैयानपुरिया - फोटो : अमर उजाला
साल 2023 में कुछ ऐसे चेहरे रहे, जो खट्टी-मीठी यादों के साथ लोगों की जुबां पर छाए रहे। ये लोग किसी न किसी वजह से सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफार्म पर सुर्खियों में रहे। कोई अपनी प्रतिभा से लोगों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रहा तो किसी की सालों की मेहनत का पसीना इस साल सोने की तरह चमका। एक नजर डालते हैं राज्य के इस वर्ष के चर्चित चेहरों पर...

शत्रुजीत कपूर : वरिष्ठों को पछाड़ बने डीजीपी 
प्रदेश में पुलिस का चेहरा बदलने में जुटे शत्रुजीत कपूर वरिष्ठों को पछाड़कर हरियाणा के डीजीपी बने तो गूगल में उनके नाम की लोग खोजबीन करने लगे। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी कपूर डीजीपी बनने से पहले हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के चीफ थे।



भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस नीति अपनाने वाले कपूर भ्रष्टाचार के मामलों में आईएएस व एचसीएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटे। एसीबी चीफ रहते हुए उन्होंने आधा दर्जन आईएएस के खिलाफ कार्रवाई की। कई एचसीएस अफसरों को जेल भिजवाया। सुपरकॉप के नाम से जाने जाते शत्रुजीत कपूर कई नए प्रयोग कर रहे हैं। 
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नायब सैनी - फोटो : अमर उजाला
नायब सैनी : हरियाणा भाजपा अध्यक्ष बन सबको चौंकाया
हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष को बदलने की चर्चा थी तो कुछ नाम भी लोगों की जुबां पर थे, मगर किसी को यह इल्म नहीं था कि कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है। पीएम मोदी और शाह ने जैसे ही नायब सैनी के नाम पर मुहर लगाई तो वह सुर्खियों में छा गए। बहुत कम लोगों को पता है कि सैनी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ पार्टी ऑफिस में एक कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर की थी। इस वजह से वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के काफी करीबी हैं। उसके बाद वह पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। जिला अध्यक्ष से लेकर महामंत्री और फिर वह विधायक व राज्यमंत्री भी रहे हैं। 
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एल्विश यादव - फोटो : अमर उजाला
एल्विश यादव : बिग बॉस के विजेता, विवादों में भी
एल्विश यादव 2023 में बिग बॉस के ओटीटी सीजन टू के विजेता बने। एल्विश ऐसे पहले प्रतिभागी थे, जिन्होंने वाइल्ड कार्ड एंट्री से बिगबॉस में प्रवेश कर टाइटल अपने नाम किया। विजेता बनने के बाद एल्विश युवाओं के दिलों में छा गए। उनके अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी पहुंचे थे, जिन्होंने एल्विश की काफी तारीफ भी की। बिगबॉस जीतने के बाद उनके पास एक करोड़ की रंगदारी मांगने की कॉल भी आई। फेमस होने के साथ एल्विश विवादों में भी फंसे। नोएडा में रेव पार्टी में नशे के लिए जहरीले सांपों के जहर के इस्तेमाल करने की बात सामने आई। इसमें एल्विश का भी नाम सामने आया था। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। 

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पीएम मोदी के साथ अंकित बैयानपुरिया - फोटो : अमर उजाला
अंकित बैयानपुरिया : युवा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के काम से मोदी भी हुए मुरीद
सोनीपत के बयानपुर गांव के रहने वाले अंकित बैयानपुरिया प्रधानमंत्री मोदी के साथ स्वच्छता अभियान में झाड़ू लगाने के बाद पूरे देश में एकाएक चर्चा में आ गए। फिटनेस इंफ्लुएंसर अंकित का सोशल मीडिया पर 75 डे हार्ड चैलेंज काफी वायरल हुआ। इस चैलेंज की हर दिन की दिनचर्या को उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया। उनके वीडियो को देख पीएम मोदी भी काफी प्रभावित हुए थे।

हर वीडियो की शुरुआत में उनकी बोली जाने वाली लाइनें राम राम भाई सारा ने... भी काफी फेमस हुईं। इन वीडियोज के बाद वह सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 76 लाख फॉलोअर्स हैं। उनका 75 डे हार्ड चैलेंज अब 150 दिन तक पहुंच गया है। फेमस होने के बाद अंकित अब भी जीवन देसी स्टाइल में जीते हैं। जब भी मौका मिलता है तो वह मां के हाथों से ही खाना खाते हैं। पहले वह फूड डिलीवरी ब्यॉय का काम कर चुके हैं।
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आचार्य सुकामा - फोटो : सोशल मीडिया
आचार्य सुकामा : वैदिक संस्कृति की रक्षक
रोहतक के रुड़की गांव स्थित विश्वारा कन्या गुरुकुल की आचार्य डॉ. सुकामा को केंद्र सरकार ने जनवरी में पद्मश्री सम्मान से नवाजा। झज्जर के गांव आकपुर में पैदा हुई डॉ. सुकामा को महिला सशक्तीकरण और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। उन्होंने अपना जीवन आर्य समाज की शिक्षा को फैलाने के लिए समर्पित कर रखा है। डॉ. सुकामा का कहना है कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति से समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा सकते हैं।

राष्ट्र को वैदिक संस्कृति की बदौलत ही सही दिशा दी जा सकती है। डॉ. सुकामा विशेष रूप से बेटियों को गुरुकुल शिक्षा पद्धति से शिक्षित करने पर जोर देती हैं। डॉ. सुकामा ने 1988 में बहन डॉ. सुमेधा के साथ मिलकर अमरोहा में श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय की स्थापना की और 30 वर्ष तक इसका संचालन किया। डॉ. सुकामा को 2009 में आर्ष विद्या भास्कर, 2014 में राष्ट्रीय वेद विद्या पुरस्कार, 2018 में संस्कृत सेवा सम्मान व नारी शक्ति सम्मान सहित कई सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं।
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डॉ. बख्शी राम - फोटो : अमर उजाला
डॉ. बख्शी राम : किसानों को दी गन्ने की नई किस्म
देश को सर्वाधिक लोकप्रिय और जलवायु अनुकूल गन्ना किस्म सीओ-0238 देने वाले डॉ. बख्शी राम को पांच अप्रैल 2023 को पद्मश्री से अलंकृत किया गया। जब वह गन्ना प्रजनन संस्थान के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल के अध्यक्ष थे, तभी उन्होंने सीओ-0238 गन्ना किस्म दी, जिसने हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, बिहार में वर्ष 2022-21 में 84.2 प्रतिशत रकबे में अकेले कब्जा किया।

ओडिशा, मध्यप्रदेश व गुजरात में भी अधिकतर किसानों ने इस किस्म को अपनाया। दिल्ली के पड़वाला खुर्द गांव में एक जुलाई 1959 को जन्मे बख्शी राम के जीवन का लंबा समय हरियाणा में बीता। शिक्षा भी हरियाणा में हुई। उन्होंने पहले हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में 1984 से 1986 तक गेहूं पर शोध कार्य किया। 1986 में गन्ना प्रजनन संस्थान कोयंबटूर में नियुक्ति मिली। 1990 में इसी संस्थान के उत्तर भारत को देखने वाले क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल में अध्यक्ष बने। अक्तूबर 2013 में वह यूपी काउंसिल ऑफ शुगरकेन शाहजहांपुर में निदेशक रहे। इसके बाद 2014 में गन्ना प्रजनन संस्थान कोयंबटूर में निदेशक बने। 2021 में सेवानिवृत्त हुए।
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बाबा बालक नाथ - फोटो : अमर उजाला
बाबा बालक नाथ : मुख्यमंत्री बने नहीं पर चर्चा में खूब रहे
राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद सीएम बनने की चर्चा बाबा बालक नाथ की भी रही। हालांकि सीएम की कुर्सी भजनलाल शर्मा को दी गई है। राजस्थान के योगी के नाम से मशहूर बाबा को पार्टी ने तिजारा हलके से चुनाव में उतारा और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान को 10707 मतों से हराया। रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बाबा बालकनाथ इससे पहले अलवर से सांसद थे। अक्तूबर में बाबा मस्तनाथ की पुनर्निर्मित समाधि पर आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे थे, जहां उन्हें सीएम बनाने की मांग उठी थी। वे सीएम भले ही न बने हों, लेकिन राजस्थान की राजनीति में एक प्रभावशाली नाम जरूर हो गए हैं।

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नौक्षम चौधरी - फोटो : अमर उजाला
नौक्षम चौधरी : अफसरों की बेटी, राजस्थान में दमखम
राजस्थान विधानसभा चुनाव में कामां विधानसभा से कांग्रेस सरकार की राज्यमंत्री जाहिदा खान को हराने वाली भाजपा नेता नौक्षम चौधरी की चर्चा जयपुर से  हरियाणा तक हैं। पुन्हाना की रहने वाली नौक्षम ने 2019 में हरियाणा विधानसभा का चुनाव लड़ा था, मगर वह तीसरे नंबर पर रहीं थीं। 30 वर्षीय नौक्षम के माता-पिता, चाचा व अन्य रिश्तेदार अफसर हैं। उनकी मां रंजीता कौर आईएएस हैं, जबकि पिता राम सिंह चौधरी रिटायर जज हैं। चाचा भी आईपीएस अफसर थे। उन्हें दस भाषाओं का ज्ञान है। राजस्थान चुनाव में उनका एक बयान काफी चर्चा में रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था उन्हें गोली भी चलानी आती है और जूते से इलेक्शन लड़ना भी आता है।
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मयंक - फोटो : अमर उजाला
मयंक : केबीसी के पहले जूनियर करोड़पति
महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले मयंक ने कौन बनेगा करोड़पति जूनियर में एक करोड़ जीतकर इतिहास रच दिया। इतनी धनराशि जीतने वाले वह सबसे युवा प्रतिभागी हैं। मयंक की उम्र 13 साल है और वह कक्षा आठ में पढ़ते हैं। उनकी हाजिर जवाबी और आत्मविश्वास को देखकर बिग बी भी मंत्रमुग्ध हो गए। वह शो में सवाल का जवाब देने के साथ जब अमिताभ बच्चन से सवाल पूछते थे तो शो में बैठे लोगों की हंसी छूट पड़ती थी। एक करोड़ जीतने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें  बधाई देकर चंडीगढ़ आने का निमंत्रण दिया। वह अपनी हाइट को लेकर जरूर परेशान हुए थे। मगर शो जीतने के बाद उन्होंने कहा कि अब उनका कद बढ़ गया है।
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