पहलवान पूजा गहलावत के कांस्य पदक जीतने की खुशी में मिठाई खिलाते परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नौ सेकेंड में सुनहरी उम्मीद कांस्य में सिमटी
गांव फरमाणा की पूजा गहलोत ने शनिवार को पहली कुश्ती से ही बेहतर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले के महज अंतिम नौ सेकेंड में सोने का सपना कांस्य में बदल गया। पहले मैच में स्कॉटलैंड की पहलवान को 10 अंकों से हराने वाली पूजा ने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। स्कॉटलैंड की पहलवान वही थी जिसने दंगल फिल्म में भी अभिनय किया था।
सेमीफाइनल में भी पूजा छह अंकों की बढ़त बनाए हुए थी लेकिन आखिरी के नौ सेकेंड वह लय को बरकरार नहीं रख सकी और सोना पाने की दौड़ से बाहर हो गई। परिवार के सदस्य भी पूजा की हार से मायूस जरूर हुए लेकिन वह इसे खेल का हिस्सा मानते हुए फिर मैच देखने लगे।
पूजा के पहले कोच व ताऊ धर्मबीर ने बताया कि वह अपनी पत्नी किताबो देवी, छोटे भाई जसबीर, पूजा के पिता बिजेंद्र, मां जगवंती, पूजा के दोनों भाई अंकित व पुष्पेंद्र और पूजा की छोटी बहन ममता टीवी के सामने जम रहे। आखिर में बेटी ने देश को कांस्य पदक दिला दिया। जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने मिठाई बांटी और खुशी सांझा की।