मानसून ने गुरुवार को हरियाणा में दस्तक दी तो पहले ही दिन आसमान से राहत के साथ आफत बरसी। जिले में सुबह छह से लेकर दस बजे तक और दोपहर करीब एक से शाम पांच बजे तक हुई कुल 201.6 एमएम से अधिक बारिश होने से शहर जलमग्न हो गया। प्रशासनिक अनदेखी के चलते बरसाती नालों व सीवर की सफाई के अभाव में पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। सड़कों पर भी घंटों जलभराव की स्थिति बनी रही और शहर में बाढ़ जैसे हालात नजर आए।
किला मोहल्ले में एक जर्जर मकान गिरने से दो भाई-बहन घायल हो गए। पीजीआई के सीवर जाम होने से इमरजेंसी और वार्ड 14 में पानी भरने से व्यवस्था चरमरा गई। सीवर के बैक मारने से गंदा पानी फर्श पर जमा हो गया, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यही नहीं, पीजीआई कर्मचारियों ने भी घरों में पानी भरने के चलते कुलपति से मुलाकात कर व्यवस्था में सुधार करने की गुहार लगाई। इधर, नगर निगम प्रशासन ने जनस्वास्थ्य विभाग पर एसटीपी देरी से चलाने से जलभराव की स्थिति बनने का आरोप लगाया है।
गुरुवार सुबह करीब छह बजे बारिश शुरू हुई और दस बजे तक होती रही। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सुबह साढ़े आठ बजे तक करीब 13.4 एमएम बारिश हुई। इसके बाद शाम पांच बजे तक 188.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। दिनभर में कुल 201.6 एमएम बारिश होने से पूरा शहर जलमग्न हो गया। सड़कों, निचले इलाकों में बने घरों व दुकानों में पानी भर गया।
शहर के उपायुक्त निवास के बाहर, सेक्टर एक, दो, तीन, चार, हरि सिंह कॉलोनी, ताऊ नगर, इंद्र प्रस्थ कॉलोनी, शीला बाईपास, प्रेम नगर चौक, आकाशवाणी के पास, छोटूराम चौक, पालिका बाजार, रेलवे रोड, कच्चा बेरी रोड, हिसार रोड, जींद बाईपास, माता दरवाजा चौक, सुभाष रोड, सुखपुरा चौक, टीबी अस्पताल के सामने, बस स्टैंड, उत्तर नगर, वसंत विहार, मॉडल टाउन, दिल्ली बाईपास, तिलियार पर्यटन केंद्र के सामने, एमडीयू के गेट नंबर एक व दो के बाहर, पावर हाउस चौक, मेडिकल मोड़, पीजीआई कैंपस, सुभाष चौक, सोनीपत रोड, रामगोपाल कॉलोनी समेत अन्य पॉश कॉलोनियों में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। सुभाष चौक स्थित बैंक, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में भी पानी अंदर तक घुस गया, जो घंटों भरा रहा। इससे काम से आए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।