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आओ! जलनगर दिखाएं: रोहतक में 201.6 एमएम बारिश ने बनाए बाढ़ से हालात, सड़कों पर लगा जाम

Fri, 01 Jul 2022 01:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

प्रशासनिक अनदेखी से शहर जलमग्न हो गया। घरों व दुकानों में बरसाती पानी घुस गया। किला मोहल्ले में जर्जर मकान गिर गया और भाई-बहन घायल हो गए। सड़कों पर घंटों बरसाती पानी खड़ा रहा और वाहन बंद होने से जाम लग गया। 
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हरियाणा के रोहतक में मानसून की पहली बारिश में हुडा कॉम्लेक्स के पास सड़कें हुई लबालब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मानसून ने गुरुवार को हरियाणा में दस्तक दी तो पहले ही दिन आसमान से राहत के साथ आफत बरसी। जिले में सुबह छह से लेकर दस बजे तक और दोपहर करीब एक से शाम पांच बजे तक हुई कुल 201.6 एमएम से अधिक बारिश होने से शहर जलमग्न हो गया। प्रशासनिक अनदेखी के चलते बरसाती नालों व सीवर की सफाई के अभाव में पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया। सड़कों पर भी घंटों जलभराव की स्थिति बनी रही और  शहर में बाढ़ जैसे हालात नजर आए। 

किला मोहल्ले में एक जर्जर मकान गिरने से दो भाई-बहन घायल हो गए। पीजीआई के सीवर जाम होने से इमरजेंसी और वार्ड 14 में पानी भरने से व्यवस्था चरमरा गई। सीवर के बैक मारने से गंदा पानी फर्श पर जमा हो गया, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यही नहीं, पीजीआई कर्मचारियों ने भी घरों में पानी भरने के चलते कुलपति से मुलाकात कर व्यवस्था में सुधार करने की गुहार लगाई। इधर, नगर निगम प्रशासन ने जनस्वास्थ्य विभाग पर एसटीपी देरी से चलाने से जलभराव की स्थिति बनने का आरोप लगाया है। 

गुरुवार सुबह करीब छह बजे बारिश शुरू हुई और दस बजे तक होती रही। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सुबह साढ़े आठ बजे तक करीब 13.4 एमएम बारिश हुई। इसके बाद शाम पांच बजे तक 188.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। दिनभर में कुल 201.6 एमएम बारिश होने से पूरा शहर जलमग्न हो गया। सड़कों, निचले इलाकों में बने घरों व दुकानों में पानी भर गया।

शहर के उपायुक्त निवास के बाहर, सेक्टर एक, दो, तीन, चार, हरि सिंह कॉलोनी, ताऊ नगर, इंद्र प्रस्थ कॉलोनी, शीला बाईपास, प्रेम नगर चौक, आकाशवाणी के पास, छोटूराम चौक, पालिका बाजार, रेलवे रोड, कच्चा बेरी रोड, हिसार रोड, जींद बाईपास, माता दरवाजा चौक, सुभाष रोड, सुखपुरा चौक, टीबी अस्पताल के सामने, बस स्टैंड, उत्तर नगर, वसंत विहार, मॉडल टाउन, दिल्ली बाईपास, तिलियार पर्यटन केंद्र के सामने, एमडीयू के गेट नंबर एक व दो के बाहर, पावर हाउस चौक, मेडिकल मोड़, पीजीआई कैंपस, सुभाष चौक, सोनीपत रोड, रामगोपाल कॉलोनी समेत अन्य पॉश कॉलोनियों में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। सुभाष चौक स्थित बैंक, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में भी पानी अंदर तक घुस गया, जो घंटों भरा रहा। इससे काम से आए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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रोहतक में बारिश के दौरान सड़क से जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यही नहीं, सड़कों पर पानी भरने के कारण कई वाहन बंद हो गए। किसी की बाइक तो किसी की स्कूटी या कार बंद हो गई। छोटूराम चौक पर दिल्ली से आए परिवार की कार पानी में बहने लगी। व्यापारी हेमंत बक्शी व आसपास के अन्य लोगों ने समय रहते कार सवारों को सुरक्षित निकाला। कार में दो व्यस्क और दो बच्चे सवार थे। यही नहीं, सड़कों पर लंबा जाम भी लगा रहा। लोग आधे से पौना घंटे तक जाम में फंसे रहे । झज्जर रोड स्थित शादी कार्ड वाली गली में करीब तीन फुट तक पानी भर गया। सड़क से करीब तीन फुट नीचे इस इलाके में करीब 15 से ज्यादा मकान व इतनी की दुकानें हैं। यही हाल, इसके सामने वाली लाइन में रहा। 
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हरियाणा के रोहतक में मानसून की पहली बारिश में हुडा कॉम्लेक्स के पास सड़कें हुई लबालब। - फोटो : सतीश कुमार, संवाद।
दुकानदार अशोक ने कहा कि उसकी सेनेटरी की दुकान है। सड़क नीचे होने के कारण करीब डेढ़ फीट पानी भर गया है। इस बार कई मोटरें व अन्य सामान खराब हो गया। हर बार बारिश में यही हाल होता है। दुकानदार साहिल दुआ, राहुल, कुलभूषण ने बताया कि सड़क ऊपर हो गई है, जबकि गली तीन फीट नीचे चली गई है। बारिश होने पर भरा पानी बाढ़ सा नजर आता है। 

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महम में हुई बारिश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सरकारी दावों की खोली पोल
गुरुवार को दिनभर में 201.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इस बारिश ने प्रशासन की व्यवस्था व बारिश के पानी की निकासी के दावोें की पोल कोल दी है। जगह-जगह पानी भरने और उसकी घंटों निकासी नहीं होने से लोग परेशान रहे। 

बारिश से गिरी छत, दो किशोर दबे  
बारिश के चलते सुबह किला मोहल्ले में एक जर्जर मकान की छत भरभरा कर गिर गई। जिसमें 19 वर्षीय लोकेश व उसकी 17 वर्षीय बहन वंशिका मलबे में दब गए। किला मोहल्ला निवासी मीना ने बताया कि आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को मामूली चोट आई है। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। 

दो ट्रांसफार्मरों में लगी आग 
बारिश के कारण तारों में शॉर्ट सर्किट के चलते दो जगह ट्रांसफार्मर जल गए। शहर के छोटूराम चौक पर ट्रांसफार्मर में लगी आग को दमकल विभाग की टीम ने बुझाया तो जनता कॉलोनी मे ट्रांसफार्मर धू-धू कर जल गया। 
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रोहतक में पीजीआई में भरा पानी, दूसरी ओर मकान की छत गिरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीजीआई में बारिश से चरमराई व्यवस्था 
बारिश की वजह से पीजीआई की व्यवस्था चरमरा गई। यहां पर सीवर बैक होने से इमरजेंसी के हालात बिगड़ गए। बारिश व सीवर का पानी भरने से मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कर्मचारियों ने करीब पौने घंटे की  मशक्कत के बाद व्यवस्था दुरुस्त की। यही नहीं, कैंपस के रिहायशी इलाके में रहने वाले लोग भी बरसाती पानी घरों में घुसने से परेशान रहे। शाम को कर्मचारियों ने इस समस्या के समाधान के लिए कुलपति से मुलाकात की। यहां उनसे व्यवस्था में सुधार की गुहार लगाई। 

वार्ड 14 में दाखिल बच्चों को संक्रमण का खतरा
बारिश के चलते पीजीआई के वार्ड 14 में दाखिल बच्चों के लिए असुरक्षित नजर आया। यहां बरसात का दूषित पानी वार्ड में तैरता रहा और छोटे बच्चों में संक्रमण का खतरा बना रहा। इस पानी के बीच ही डॉक्टर व स्टाफ मरीजों के पास आते रहे। पूरा समय परिजनों को भी इसी पानी के बीच गुजारना पड़ा। पूरे वार्ड में लोग बैड पर पैर रख कर बैठने पर मजबूर हो गए। फर्श पर रखा सारा सामान बैड व स्टूल पर रखना पड़ा। 

बरसाती पानी निकालने का दावा करने वाले खुद पानी में
नेता जी सुभाष चंद्र बोस चौक स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कार्यालय है। यहां सीनियर अधिकारी बैठते हैं। विभाग का दावा था कि उन्होंने जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है। जबकि गुरुवार को सुबह उनका पूरा कार्यालय ही बरसाती पानी में डुबा रहा। यहां दिन भर स्टाफ जल निकासी की बाट देखते रहे। 

दावा:  छोटू राम चौक पर डाली 18 इंच की पाइनलाइन 
विभाग ने 16 जून को अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी जिसमें जलभराव नहीं होने का दावा किया गया है। नालों की सफाई कराने की बात कही गई है। छोटू राम चौक को जलभराव से बचाने के लिए 18 इंच की पाइपलाइन डाली गई है। इससे यहां जलभराव नहीं होगा। टीबी अस्पताल के सामने व सुखपुरा चौक पर जलभराव की स्थिति से बचने के लिए यहां नाले की सफाई करा दी गई है। ऐसे में जलभराव नहीं होगा। यही नहीं, एक ही दिन 150 एमएमस से ज्यादा बारिश होने के चलते जलभराव की स्थिति बनी। छोटू राम चौक का ज्यादातर पानी निकाल दिया गया है। शेष पानी भी जल्दी ही निकाल दिया जाएगा। -रोहित कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग। 

देरी से चलाए एसटीपी ने बिगाड़े हालात 
नगर निगम के 45 नाले हैं। इनकी सफाई ठेके पर कराई जाती है। बारिश से पहले ठेकेदार को बोलकर इनकी सफाई कराई दी गई थी। यह रूटीन कार्य था। इस पर अलग से खर्च नहीं हुआ। जलभराव के हालात बनने की वजह एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) देरी से चलाना है। जनस्वास्थ्य विभाग ने मोटर समय पर नहीं चलाई। अप्पू घर, हुडा कॉम्प्लेक्स व राहड रोड की मोटरें देरी से चलीं। सिंहपुरा का एसटीपी भी 11 बजे चलाया गया। इस कारण जलभराव के हालात बने। -सुंदर सिंह, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम।

घरों से पानी नहीं निकलने पर लगाया जाम
शहर की कृष्णा कॉलोनी व महावीर कॉलोनी के लोगों ने गुरुवार शाम टीबी अस्पताल के पास गोहाना रोड पर जाम लगा दिया। इनके घरों में करीब दो से तीन फीट बरसाती पानी भरा हुआ है। लोगों का कहना है कि बरसात के सीजन में हर बार हमें परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां बरसात के पानी निकालने वाला नाला है, मगर न तो उसकी सही ढंग से सफाई होती है और न ही पानी निकासी की उचित व्यवस्था है। इस कारण घरों का सामान खराब हो रहा है। दुकानों में पानी भरने से नुकसान के साथ काम भी प्रभावित हो रहा है। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे नहीं माने। देर रात तक जाम लगा रहा। 

सेक्टर एक के पार्क की दीवार गिरी 
बारिश के कारण शहर के सेक्टर एक पार्क में पानी भर गया। सड़क से करीब आठ से दस फीट नीचे इस पार्क में  पानी भरन के कारण इसकी करीब 30 मीटर लंबी दीवार गिर गई। पार्क के प्रवेश द्वार से 30 मीटर दूरी तक गिरी दीवार के कारण पार्क खुला नजर आने लगा है। गनीमत रही कि किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।  

शाम को प्रशासन ने लिया जायजा 
बारिश के बाद लबालब हुए शहर से पानी निकलवाने के लिए जिला प्रशासन सड़क पर उतरा। एसडीएम मेडिकल मोड़ पर अधिकारियों को निर्देश देते नजर आए तो यातायात पुलिस के जवानों ने पानी में खड़े रह कर मेडिकल मोड़ से दिल्ली बाईपास तक वाहनों को निकलवाया। खुद उपायुक्त शहर की सड़कों पर बारिश के बाद की स्थिति का जायजा लेते नजर आए। 

पंप चल रहे न पानी निकल रहा 
शहर के सेक्टर एक, दो व 14 में पानी ही पानी है। बारिश के बाद सेक्टर इलाका जलमग्न है। यहां से पानी की निकासी नहीं हो रही है। जाट भवन के पास लगा पंप भी शाम छह बजे तक चालू नहीं हुआ था। इसे काई बार चलाने का प्रयास किया गया। नतीजतन घरों के बाहर रात दस बजे तक भी बारिश का पानी भरा रहा। सीवर व  बारिश के पानी की निकासी पाइपों की सफाई नहीं होने से यह हालात बने हैं। कर्मचारी टंकी तो साफ कर गए, मगर अंदर पाइप में पानी नहीं मारा गया। इस कारण वे ब्लॉक हैं। - कदम सिंह अहलावत, पार्षद, वार्ड नंबर 11, रोहतक। 
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शहर का जायजा लेते विधायक बीबी बत्रा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विधायक भारत भूषण बतरा ने लिया शहर का जायजा 
मानसून की पहली बारिश ने प्रशासन की तैयारियों के दावों की पोल खोल दी है। बारिश से लोगों के घर, दुकान, कार्यालय जलमग्न हो गए। विधायक भारत भूषण बतरा ने विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। इन हालातों के लिए सरकार व अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। छोटूराम चौक पर साढ़े तीन फीट तक पानी में लगभग आधा घंटा खड़े होकर वहां मौजूद व्यापारियों से संवाद किया। आखिर क्यों प्रशासन ने नालों की सफाई व्यवस्था पहले नहीं करवाई। बरसात के मौसम के मद्देनजर आवश्यक इंतजाम क्यों नहीं किए गए। यह प्रशासन की घनघोर लापरवाही का ही नतीजा है कि बारिश शुरू होते ही पूरा शहर जलमग्न हो गया।  

मेयर अपने पद से दें इस्तीफा : बख्शी
कांग्रेस कार्यकर्ता हेमंत बख्शी ने कहा कि अमृत योजना पर 3.50 करोड़ रुपये लगाया जा चुका है। यही योजना शहर को डुबोने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। बारिश के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर का जायजा लिया व छोटूराम चौक पर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारे लगाकर रोष जताया। इस व्यवस्था के लिए जिम्मेदार मेयर अपने पद से इस्तीफा दें। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश गर्ग, यूथ कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष परमजीत पम्मी, महेंद्र बागड़ी, कैलाश शर्मा, विनोद दहिया, सोमबीर हुड्डा, दिनेश नरूला, महेंद्र कुमार मौजूद रहे। 

अचानक आई तेज बारिश से घबराने की जरूरत नहीं है। सभी डिस्पोजल, ड्रेन, नाले, पंपिंग सिस्टम समुचित तरीके से काम कर रहे हैं। तमाम प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में उतरे हुए हैं। बारिश रुकने की स्थिति में एक से डेढ़ घंटे के बीच पानी की निकासी हो जाएगी। -कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त, रोहतक।
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