फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सम्मान: पंत की जान बचाने वाले हरियाणवी उत्तराखंड व हरियाणा सरकार से सम्मानित, ऋषभ की मां ने भेजा ये खास संदेश

Fri, 27 Jan 2023 07:46 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 6
पंत की जान बचाने वाले चालक-परिचालक सम्मानित। - फोटो : Facebook
क्रिकेटर ऋषभ पंत की 30 दिसंबर को सड़क हादसे में जान बचाने वाले पानीपत के बल्ला गांव के रोडवेज चालक सुशील कुमार और परिचालक परमजीत को गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। 

देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में दोनों को प्रशंसा पत्र के साथ-साथ एक लाख रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया। चालक व परिचालक यहां कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए, इनकी जगह इनके परिजन यहां पहुंचे थे। वहीं दूसरी ओर ऋषभ पंत की मां सरोज ने भी सुशील व परमजीत के पास अपना संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे पहले ऋषभ को कार से निकाला था। वो ठीक होकर दोनों से जरूर मिलेंगे।
विज्ञापन

2 of 6
ऋषभ पंत और उनकी मां - फोटो : सोशल मीडिया
वहीं दूसरी ओर यमुनानगर में आयोजित कार्यक्रम में भी चालक सुशील और परिचालक परमजीत को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। इस प्रशंसा पत्र में गलती सामने आई है। इसमें हादसे की तारीख 31 दिसंबर लिखी गई है, जबकि हादसा 30 दिसंबर को हुआ था। सुशील कुमार व परमजीत ने सम्मान पर सरकार का आभार भी व्यक्त किया है।   
विज्ञापन

3 of 6
ऋषभ पंत - फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि ऋषभ पंत अपनी कार में 30 दिसंबर सुबह चार बजे देहरादून अपनी मां से मिलने जा रहे थे। रास्ते में रुड़की के पास उनकी कार बेकाबू होकर पलट गई थी। कार में आग लग गई थी। यहां से रोडवेज की बस लेकर गुजर रहे गांव बल्ला निवासी चालक सुशील व परिचालक परमजीत ने ऋषभ पंत को कार से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई थी। उन्होंने ऋषभ पंत को एंबुलेंस से अस्पताल में भिजवाया था। 

कड़क बोली व नरम दिल वाले हरियाणवी, जीवन के हर कार्य में अपनी छाप छोड़ रहे : सीएम

4 of 6
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल। - फोटो : अमर उजाला
सीएम ने डाली सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा कि भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की जान बचाकर हरियाणा रोडवेज़ के चालक सुशील कुमार व परिचालक परमजीत ने मानवता की मिसाल पेश की है। गणतंत्र दिवस के मौके पर दोनों को सम्मानित किया। कड़क बोली व नरम दिल वाले हरियाणवी, जीवन के हर कार्य में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन

5 of 6
ऋषभ पंत को बचाने वाले चालक सुशील व परिचाल परमजीत को किया सम्मानित। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चालक सुशील कुमार ने बताया था कि वो हरिद्वार से 4.25 बजे चले थे। वो 5.20 पर रुड़की के पास पहुंचे थे। उनकी बस से महज 100 मीटर दूर एक कार रेलिंग तोड़ते हुए उनकी लेन में आई। गाड़ी तीन बार पलटी। बस 100 मीटर दूर थी। सवारियां चिल्ला रही थी। तुरंत चालक साइड में बस को मोड़ दिया। दिल्ली साइड की रेलिंग तोड़ते हुए गाड़ी ने तीन पलटे खाए। बस रोककर वो दोनों बस से नीचे कूदे। ऋषभ पंत कार से आधे बाहर लटक रहे थे। उन्होंने फुटपाथ पर ऋषभ को लेटा दिया। वो बेसुध थे। उन्होंने कार की जांच की। कार में आग लगना शुरू हो गई। इसी वक्त ऋषभ पंत को हल्का होश आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
ऋषभ पंत - फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने ऋषभ पंत से पूछा कि कार में और तो कोई नहीं है। तो उन्होंने मना करते किया। फिर ऋषभ पंत ने पानी मांगा। उन्होंने पहले पानी देने से मना कर दिया था। क्योंकि उस वक्त पानी देना सही नहीं था। ऋषभ ने उनसे काफी रिक्वेस्ट की। फिर उन्होंने पानी दिया। ऋषभ ने उन्हें कहा कि एंबुलेंस को बुला दो। वह उस दौरान एंबुलेंस को कॉल कर रहे थे।

फिर ऋषभ ने कहा कि उसकी मम्मी से बात करवा दो। ऋषभ की मां का फोन स्विच ऑफ मिला। वो उसने दूसरी साइड ले गए। 15 मिनट के बाद एंबुलेंस आ गई। उन्होंने एंबुलेंस में उसे बैठा दिया। ऋषभ के पैसे सड़क पर ही बिखरे पड़े थे। उन्होंने सात- आठ हजार रुपये उठाकर ऋषभ के हाथ पर रख दिए। कार में एक अटैची थी। उन्होंने अटैची भी एंबुलेंस में डाल दी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें