हरियाणा में कोरोना गांव गांव में पसरने लगा है। कई गांवों में संदिग्ध हालात में मौतें हो रही हैं। घर घर में बुखार और खांसी-जुकाम के मरीज हैं लेकिन लोग कोरोना जांच के लिए आगे नहीं आ रहे। लगातार बढ़ रहे मौतों के आंकड़े से प्रशासन में हड़कंप है। लोगों का कहना है कि कहीं एक दिन में चार तो कहीं पांच शव उठाने पड़ रहे हैं। जिंदगी में ऐसे हालात कभी नहीं देखे। रोहतक के गांवों में संदिग्ध हालात में मौतों ने प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। कई गांवों में 1 सप्ताह में 5 से लेकर 20 लोगों तक की संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है। खरावड़ गांव में पिछले तीन दिन में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। खरावड़ के लोगों की मानें तो करीब 40 फीसदी घरों में खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीज हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए हरियाणा सरकार गांवों में ‘टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट’ रणनीति को अपनाएगी। आठ हजार बहुविषयी (मल्टीडिप्लनेरी) टीमें गांवों में कोविड-19 जांच के लिए डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करेंगी।
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खरावड़ गांव में हवन करते ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के सरपंच बिजेंद्र, उदय भान, जसवंत सिंह ने बताया कि गुरुवार को 3, शुक्रवार को 4 और शनिवार को 5 लोगों ने दम तोड़ा। पिछले महीने से अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। इस्माइल गांव में भी पिछले 8 दिन में करीब 18 लोगों की मौत हो चुकी है। गिझी गांव में 8 दिनों के अंदर 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कोरोना संक्रमित भी शामिल बताए जा रहे हैं। दतौड़ में 4, अटायल में तीन, गांधरा गांव में कोरोना से दो, हसनगढ़ में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को खरावड़ गांव में हवन कुंड एक ट्रैक्टर में रखकर पूरे गांव में घुमाया गया और लोगों ने आहुति डालकर भगवान से सुख समृद्धि व शांति देने की दुआएं मांगी। खरावड़ प्राइमरी हेल्थ सेंटर के डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि सेंटर पर टीकाकरण अभियान चलाया हुआ है। अब तक करीब 35 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। गांव में वायरल बुखार के ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। लेकिन लोग कोरोना जांच के लिए आगे नहीं आ रहे।
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हरियाणा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत के हरसाना में 15 दिन में 25 मौत, 150 से ज्यादा बुखार से पीड़ित
सोनीपत के हरसाना कलां गांव के लोगों का दावा है कि यहां 15 दिन में करीब 25 मौत हो चुकी हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े में पिछले 9 दिन में 12 ही मौत हुई हैं। गांव में बुखार के कारण भी हालात खराब हैं। गांव में बुखार के 150 से ज्यादा मरीज हैं, लेकिन कोरोना जांच के लिए कोई आगे नहीं आया। अब डीसी श्यामलाल पूनिया के संज्ञान में मामला आने पर टीम को गांव में भेजकर जांच कराई जा रही है और वहां ज्यादा से ज्यादा जांच कराने की बात कही जा रही है। गांव से रविवार को 97 लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। गांव जांटी कलां गांव में अधिकतर घरों में बुखार के मरीज होने पर वहां भी जांच शुरू कराई गई है।
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मास्क बांटते ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिसाना में 9 दिन में 40 मौत का दावा, विभाग के रिकॉर्ड में 13
खरखौदा के गांव सिसाना में ग्रामीणों ने पिछले नौ दिनों में करीब 40 लोगों की मौत होने का दावा किया है हालांकि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वहां 13 लोगों की मौत हुई है। रविवार को डॉ. नितिन फलस्वाल के नेतृत्व में टीम जांच करने गांव में पहुंची। 93 लोगों की जांच में 13 लोग संक्रमित पाए गए। गांव में पचास लोग पहले से संक्रमित हैं। थाना कलां में 188 रेपिड टेस्ट में 30 लोग संक्रमित मिले हैं, जबकि 80 आरटीपीसीआर की रिपोर्ट एक दिन बाद आएगी। इसके अलावा खांडा गांव में 70 से ज्यादा तो रोहणा गांव में पचास से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
गांव में ट्रैक्टर पर किया जा रहा हवन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल के बड़ा गांव में मिले 93 पॉजिटिव
संक्रमण के मामले बढ़ने पर करनाल के बड़ा गांव को मैक्रो कंटेंनमेंट जोन घोषित कर एक सप्ताह के लिए सील कर दिया गया है। इस गांव में 93 पॉजिटिव केस मिले थे और 3 लोगों की मौत हो गई थी। फिलहाल इस गांव में 142 एक्टिव केस हैं।